महाकुंभ 2025 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा इस्कॉन के संस्थापक आचार्य अभय चरण भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद जी को विश्व गुरु की उपाधि दी गई।

MahaKumbh Mela 2025: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लगे महाकुंभ 2025 में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद द्वारा इस्कॉन के संस्थापक आचार्य अभय चरण भक्तिवेदांत स्वामी श्रील प्रभुपाद जी को विश्व गुरु की उपाधि दी गई। यह उपाधि पहले कभी किसी आध्यात्मिक व्यक्तित्व को नहीं मिली थी।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

View post on Instagram

वीडियो यूट्यूब पर देखने के लिए यहां क्लिक करें

यह भी पढ़ें- कुंभ में जन्मे 12 बच्चों की अनोखी कहानी: क्या है इनके खास नाम?

1966 में स्वामी प्रभुपाद ने न्यूयॉर्क में की थी कृष्ण आंदोलन की स्थापना

बता दें कि एच.डी.जी. ए.सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद इस्कॉन के संस्थापक हैं। उन्होंने 1966 में न्यूयॉर्क में हरे कृष्ण आंदोलन की स्थापना की थी। सिर्फ 11 साल में उन्होंने इस आंदोलन को पूरी दुनिया में फैला दिया। उन्होंने भगवद गीता यथारूप, श्रीमद्भागवतम्, श्री चैतन्य चरितामृत, श्री ईशोपनिषद् सहित 80 से अधिक पुस्तकें लिखीं। प्रभुपाद की पुस्तकें वैदिक दर्शन, धर्म, साहित्य और संस्कृति का एक संपूर्ण पुस्तकालय हैं।