Make In India Success Story: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वतंत्रता दिवस पर स्वदेशी मॉडल, विकसित भारत 2047 के संकल्प और यूपी की 8 साल की प्रगति पर जोर दिया। कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, इंफ्रास्ट्रक्चर व निवेश में ऐतिहासिक बदलावों का उल्लेख किया।

Independence Day 2025: आजादी के 79वें साल में राजधानी लखनऊ का हजरतगंज से विधान भवन तक का इलाका तिरंगे के रंग में सराबोर था। हवा में लहराते झंडे, हेलिकॉप्टर से बरसते फूल और देशभक्ति के गीतों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधान भवन के सामने ध्वजारोहण किया। इस मौके पर उन्होंने सिर्फ स्वतंत्रता के इतिहास को याद नहीं किया, बल्कि भविष्य का खाका भी खींचा - एक आत्मनिर्भर, विकसित और स्वदेशी भारत का।

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क्यों है ‘स्वदेशी मॉडल’ पर जोर?

सीएम योगी ने कहा कि भारत की ताकत उसके स्वदेशी मॉडल में है, जिसने मेक इन इंडिया के जरिए देश को वैश्विक मंच पर नई पहचान दिलाई। उन्होंने हाल ही के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे लखनऊ में बनी ब्रह्मोस मिसाइल और स्वदेशी ड्रोन ने दुश्मनों को मात दी और भारत की तकनीकी क्षमता साबित की।

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स्वतंत्रता का असली अर्थ क्या है?

योगी आदित्यनाथ के मुताबिक, स्वतंत्रता का मतलब स्वच्छंदता नहीं बल्कि कर्तव्यों के प्रति समर्पण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि यह तभी संभव है जब हर नागरिक अपने दायित्वों को ईमानदारी से निभाए।

यूपी की 8 साल की विकास यात्रा

सीएम ने मंच से आठ वर्षों का लेखा-जोखा भी प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि

  • यूपी का जीएसडीपी 13 लाख करोड़ से बढ़कर 32 लाख करोड़ रुपये हुआ।
  • प्रति व्यक्ति आय 43,000 रुपये से बढ़कर 1.20 लाख रुपये हुई।
  • दंगा-मुक्त और सुरक्षित वातावरण के साथ निवेश के क्षेत्र में 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी स्तर पर उतरे।

रोजगार और युवा, कृषि और किसानों के लिए पहल

पिछले आठ वर्षों में 8.30 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां मिलीं और 1.62 करोड़ युवाओं को एमएसएमई सेक्टर में रोजगार मिला। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को ब्याज मुक्त लोन देकर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए गए। सीएम योगी ने बताया कि 2.86 लाख करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान पिछले आठ वर्षों में किया गया। मोटे अनाज की खेती, मुफ्त ट्यूबवेल कनेक्शन और किसान कल्याण बीमा जैसी योजनाएं किसानों के जीवन में बदलाव ला रही हैं।

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