प्रयागराज में पीडीए का एक्शन लगातार देखने को मिल रहा है। उमेश पाल हत्याकांड के बाद अतीक अहमद के करीबियों की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने का काम जारी है। इसी कड़ी में सफदर के घऱ पर बुलडोजर का एक्शन देखा गया।

प्रयागराज: योगी आदित्यनाथ सरकार का माफियाओं को मिट्टी में मिलाने का एक्शन लगातार जारी है। प्रयागराज में हुई घटना के बाद पुलिस, प्रशासन और पीडीए एक्शन मोड में दिखाई पड़ रहे हैं। इसी कड़ी में धूमनगंज थाना क्षेत्र के चकिया इलाके में सफदर अली के मकान को प्रयागराज विकास प्राधिकरण के बुलडोजर के द्वारा जमींदोज कर दिया गया।

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पत्नी और बेटे को पुलिस ने जबरदस्ती निकाला घर के बाहर

माफिया अतीक अहमद के करीबी सफदर अली का घर भारी विरोध के बीच गिराया गया। यह मकान चकिया में दो सौ वर्गगज में बना हुआ था। जेसीबी और पोकलैंड के जरिए पीडीए ने मकान को खंडहर में तब्दील कर दिया। घर को गिराने की कार्रवाई शुरू हुई तो सफदर के बेटे और बहू भी घर के अंदर घुस गए। उन्होंने घर से बाहर निकलने से मना कर दिया और इसके बाद पुलिस को उन्हें जबरन बाहर निकालना पड़ा। बेटे और बहू को बाहर निकालने के बाद मकान को गिराने की कार्रवाई शुरू की गई।

पीडीए ने कहा लगातार नोटिस के बाद भी नहीं मिल रहा था जवाब

प्राधिकरण की ओर से आरोप लगाया गया कि मकान का नक्शा पास करवाए बिना ही निर्माण करवाया गया था। पीडीए ने बताया कि लगातार इसको लेकर नोटिस भी भेजी जा रही थी लेकिन उसका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद बीती 28 फरवरी को नोटिस देकर ध्वस्तीकरण का आदेस पारित किया गया था। वहीं मामले में बताया गया कि 2002 में मकान का निर्माण करवाया गया था। मकान सफदर के बेटों के नाम पर हैं और उनके परिवार का अतीक से कोई लेना देना नहीं है। परिजनों ने बताया कि उमेश पाल हत्याकांड में भी उनका या घर के किसी भी सदस्य का कोई हाथ नहीं था। आपको बता दें कि सफदर अली का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड नहीं मिला है। हालांकि जांच के दौरान सामने आया है कि उमेश पाल हत्याकांड को अंजाम देने के बाद शूटरों ने यहीं पर रात गुजारी थी।

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