Sub Inspector Chandradeep Nishad Video: प्रयागराज में बाढ़ के बीच मां गंगा की पूजा करते यूपी पुलिस सब इंस्पेक्टर का वीडियो वायरल हो गया है। ड्यूटी पर जाने से पहले वह गंगा को पुष्प और दूध अर्पित कर रहे हैं, सोशल मीडिया पर हो रही चर्चा।

Prayagraj Viral Video: एक ओर जब गंगा और यमुना नदियां उफान पर हैं, मोहल्लों में पानी भर चुका है, घर डूबने लगे हैं. ऐसे मुश्किल वक्त में भी प्रयागराज से एक तस्वीर आई है जो भक्ति और आपदा के बीच अनोखा संतुलन दिखा रही है। दरअसल, यूपी पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वे बाढ़ के पानी से घिरे अपने घर के सामने मां गंगा का पूजन करते नजर आ रहे हैं।

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गंगा जब दरवाज़े तक पहुंची, तो पूजा भी वहीं शुरू हो गई

प्रयागराज के दारागंज इलाके में गंगा और यमुना नदियों के जलस्तर में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है। दोनों नदियां खतरे के निशान को पार कर चुकी हैं, जिससे कई बस्तियों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लेकिन बाढ़ की इस चुनौती के बीच भी स्थानीय लोग अपनी आस्था को नहीं छोड़ रहे। दारोगा चंद्रदीप निषाद, जो उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर हैं, उन्हीं में से एक हैं। उनका घर लगभग आधा बाढ़ के पानी में डूब चुका है, लेकिन ड्यूटी पर निकलने से पहले वह रोज़ मां गंगा को पुष्प अर्पित करते हैं और दूध से अभिषेक करते हैं।

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सोशल मीडिया पर वायरल हुआ श्रद्धा और संकट का यह दृश्य

चंद्रदीप निषाद का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वर्दी पहने हुए वह अपने घर के गेट पर, जहां “निषाद राज भवन” लिखा है, मां गंगा की पूजा करते दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में वह बाढ़ के पानी में डुबकी लगाते हुए भी दिखाई दे रहे हैं।

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इस वीडियो के साथ एक भक्ति गीत “ना मानो तो मैं गंगा मां हूं...” भी सुनाई दे रहा है, जो दृश्य को और भावुक बना देता है। वीडियो वायरल होते ही कुछ लोग इसे श्रद्धा की मिसाल बता रहे हैं, वहीं कुछ यह सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या यह घर नदी क्षेत्र के अतिक्रमण में बना हुआ है।

बाढ़ की विभीषिका के बीच लोगों की आस्था कैसे बनी हुई है?

प्रयागराज की संगम नगरी में आस्था और आपदा एक-दूसरे के समानांतर चल रहे हैं। जहां एक तरफ बाढ़ से जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं दूसरी ओर लोग अपने दरवाज़े तक पहुंची गंगा को ‘साक्षात दर्शन’ मानकर श्रद्धापूर्वक पूजन कर रहे हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में रह रहे लोगों को साफ पानी, बिजली और राहत सामग्री की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन फिर भी, मां गंगा के प्रति आस्था उन्हें हर सुबह नया संबल देती है। हालांकि इस घटना से श्रद्धा और भक्ति की भावना तो प्रकट होती है, लेकिन यह बहस भी छिड़ गई है कि क्या ऐसे मकानों का निर्माण नदी के प्रवाह क्षेत्र में नहीं होना चाहिए था? सोशल मीडिया पर लोग यह जानना चाह रहे हैं कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाएगा।

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