माफिया अतीक अहमद को उम्रकैद की सजा सुनाने वाले जज दिनेश चंद्र शुक्ला की सुरक्षा को बढ़ाया गया है। उन्हें वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। जज ने उमेश पाल अपहरण केस में यह फैसला सुनाया था।

प्रयागराज: माफिया अतीक अहमद को सजा सुनाने वाले जज दिनेश चंद्र शुक्ला की सुरक्षा को बढ़ा दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत अतीक अहमद को वाई श्रेणी की सुरक्षा दी गई है। शासन की ओर से यह कदम अतीक अहमद को सजा सुनाए जाने के बाद उठाया गया है। इससे पहले जिस दौरा जज दिनेश चंद्र शुक्ला अतीक को सजा सुनाने के लिए कोर्ट आ रहे थे उस समय उन्हें पुलिस के द्वारा सुरक्षा दी गई थी।

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कोर्ट में अतीक और अशरफ को पेश करने का दिया था आदेश

रायबरेली निवासी जज दिनेश चंद्र शुक्ला 2009 बैच के जुडिशरी सर्विस अधिकारी हैं। उनका जन्म 1 जनवरी 1968 को हुआ था। उन्होंने न्यायिक सेवा में आने के बाद जुडिशल मजिस्ट्रेट के तौर पर करियर की शुरुआत भदोही से की। इसके बाद वह 2011 में प्रयागराज के एडिशनल जज बने। अतीक अहमद को सजा सुनाए जाने के दौरान जज दिनेश चंद्र शुक्ला खासा चर्चाओं में रहें। ज्ञात हो कि पहले कई मामलों में अतीक के खिलाफ जजों ने सुनवाई करने और फैसला सुनाने से किनारा कर लिया था। हालांकि इस मामले में जब अतीक अहमद के खिलाफ सजा सुनाने और कोर्ट में अतीक और अशरफ को पेश करने की बात आई तो जज दिनेश चंद्र शुक्ला की काफी तारीफ हुई। हालांकि इसी के चलते उनके लिए खतरे की आशंका की भी बनी है। जिसके बाद उन्हें सुरक्षा देने का फैसला लिया गया है।

उमेश पाल हत्याकांड को लेकर लोगों में अतीक के खिलाफ आक्रोश

उमेश पाल अपहरण केस में जज दिनेश चंद्र शुक्ला ने माफिया अतीक अहमद समेत तीन लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। यह पहला मामला है जिसमें अतीक अहमद को सजा हुई है। वहीं उमेश पाल हत्याकांड के बाद माफिया अतीक अहमद और उसके परिवार को लेकर लोगों में भी आक्रोश है। लोग उमेश पाल के परिवार के खिलाफ कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। अपहरण केस में सजा के ऐलान के बाद लोग उमेश पाल हत्याकांड मामले में अतीक और उसके बेटों के खिलाफ फांसी की मांग कर रहे हैं।

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