Religious Conversion In UP : आगरा में सामने आए धर्मांतरण रैकेट में राजस्थान तक फैला नेटवर्क, जयपुर का युवक सना के प्रेम में फंसकर बना मोहम्मद अली, अब वापस लौटना चाहता है अपने धर्म में। मिशन अस्मिता के तहत 6 राज्यों में फैली साजिश का खुलासा।

Agra Conversion Racket: जयपुर के रहने वाले पीयूष पवार की जिंदगी उस वक्त करवट ले गई, जब वह कॉलेज के दिनों में सना नाम की एक युवती के संपर्क में आया। पढ़ाई के दौरान शुरू हुई दोस्ती जल्द ही प्यार में बदली, लेकिन इसमें एक शर्त थी ‘धर्म परिवर्तन’। सना ने पीयूष से शादी के लिए मुस्लिम बनने की बात कही। पीयूष ने अपने प्यार के लिए वह सब कुछ किया जो सना ने कहा, उसने सुन्नत करवाई, मस्जिदों में ठहरा और जमात में शामिल हुआ।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

लेकिन जब वह पूरी तरह इस्लामी जीवनशैली अपनाने लगा, तब सना ने मुंह मोड़ लिया। उसने साफ कह दिया कि वह किसी "असली मुस्लिम" से ही निकाह करेगी। इसके बाद वह गायब हो गई और कभी वापस नहीं लौटी।

क्या हनी ट्रैप बन रही हैं सुंदर लड़कियां?

इस मामले की पड़ताल कर रही पुलिस के मुताबिक, धर्मांतरण रैकेट में सुंदर मुस्लिम युवतियों को हनी ट्रैप के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा था। पीयूष पवार, जो अब मोहम्मद अली के नाम से जाना जा रहा था, ऐसा ही एक शिकार बना। ध्यान देने वाली बात यह है कि पीयूष की तरह कई और युवक भी इस जाल में फंस चुके हैं।

यह भी पढ़ें: सूट-बूट, कार, डिप्लोमैटिक प्लेट और करोड़ों का स्कैम - ये फिल्म नहीं, सच्चाई है!

कौन है आयशा और क्या थी उसकी भूमिका?

सना के गायब होने के बाद पीयूष को धर्मांतरण नेटवर्क की फंडिंग करने वाली एक और महिला आयशा से संपर्क कराया गया। आयशा ने पीयूष की शादी दूसरी मुस्लिम लड़की से करवाई और फिर उसे नेटवर्क का हिस्सा बना लिया। अब जब पीयूष को इस पूरे खेल का एहसास हुआ है, वह वापस हिंदू धर्म में लौटना चाहता है। उसने अपने परिवार से संपर्क किया है और घर वापसी की इच्छा जताई है।

कितने राज्यों तक फैला है यह नेटवर्क?

उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस ने जब 'मिशन अस्मिता' अभियान के तहत इस रैकेट की जांच शुरू की, तब यह अंदाज़ा नहीं था कि मामला सिर्फ यूपी तक सीमित नहीं है। अब तक महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड और दिल्ली से जबरन धर्मांतरण के मामलों की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस ने अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से कई पीड़ित युवतियां यूपी के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली और गाजियाबाद की रहने वाली हैं।

दिल्ली से भी सामने आए नए चेहरे, क्या हो रहा है पूछताछ में?

23 जुलाई को दिल्ली से गिरफ्तार किए गए तीन और आरोपियों- जुनैद कुरैशी, अब्दुल्ला और अब्दुल रहीम -से पूछताछ में भी कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। इनके जरिए कई अन्य लड़कियों के धर्म परिवर्तन के प्रयासों की भी पुष्टि हुई है।

पुलिस का कहना है कि इन युवतियों को या तो प्यार का झांसा देकर, या फिर दबाव बनाकर इस रास्ते पर धकेला गया।

क्या वापस लौट पाएगा पीयूष?

पुलिस की पूछताछ में पीयूष उर्फ मोहम्मद अली ने साफ किया है कि वह इस पूरे नेटवर्क से बाहर निकलना चाहता है और अपने पुराने जीवन में लौटना चाहता है। उसका परिवार पहले ही जयपुर से मकान बेचकर अन्यत्र चला गया है, लेकिन पीयूष अब अपने रिश्तों को दोबारा जोड़ना चाहता है।

यह भी पढ़ें: UP पुलिस के लिए खुशखबरी! CM योगी ने खोला 11 मंजिला बैरक, 30 बेड का अस्पताल भी