हापुड़ के सदरपुर गांव में सांप के काटने से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, और दो अन्य लोग अस्पताल में भर्ती हैं। गांव वाले दहशत में हैं और वन विभाग सांपों को पकड़ने की कोशिश कर रहा है।

तीन दिनों में पांच लोगों को सांप ने काट लिया। इससे पूरा गांव दहशत में है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ में यह खौफनाक घटना घटी है। हापुड़ जिले के सदरपुर गांव के लोग लगातार सांप काटने की घटनाओं से दहशत में हैं। गांव वालों का मानना है कि जहरीले सांप (नागिन) की मौजूदगी इस डर का कारण है। शाम ढलते ही ये सांप अपने बिल से निकलकर ग्रामीणों को अपना शिकार बनाते हैं, ऐसा गांव वालों का मानना है। यही उन्हें सबसे ज्यादा डराता है। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

गांव में सांप का खौफ, अब तक जा चुकी है तीन की जान

पिछले दिनों सांप के काटने से पांच लोगों में से तीन की मौत हो गई। सोमवार को घर के आंगन में सो रही एक महिला और उसके दो बच्चों को सांप ने काट लिया, जिससे घटनाओं का सिलसिला शुरू हुआ। तीनों घायलों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हापुड़ के बहादुरगढ़ थाना क्षेत्र के सदरपुर गांव में घर में सो रही पूनम और उनके बच्चे साक्षी और तनिष्क की मौत हो गई। तीनों का अंतिम संस्कार करने के बाद जब ग्रामीण वापस लौटे तो उसी रात उसी गांव के एक और युवक को सांप ने काट लिया। यह दूसरी दुर्घटना थी। 

सांप ने उड़ा दी हापुड़ के सदरपुर गांव के लोगों की नींद

सांप के काटने से बेहोश हुए युवक को तुरंत मेरठ के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह युवक मौत से जूझ रहा है। इसके बाद सांप को पकड़ने के लिए वन विभाग की पांच टीमें गांव पहुंचीं। लेकिन इन सबके बीच बुधवार को गांव में एक और महिला को सांप ने काट लिया, जिससे ग्रामीण दहशत में हैं। महिला को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गांव के लोग मानते हैं और कहते हैं कि इलाके में सांप का 'प्रतिशोध' दिख रहा है। सांप के डर से हापुड़ के सदरपुर गांव के लोगों की नींद उड़ गई है। फिलहाल सांप को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कई टीमें लगाई हैं। सभी सांपों को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों ने मेरठ से चार सपेरे बुलाए। 

Scroll to load tweet…

खबरें हैं कि ग्रामीणों को काटने वाले सांपों को वन विभाग की टीम ने पकड़ लिया है। सांप को टीम अपने साथ ले गई। लेकिन अब विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि यह सांप किस प्रजाति का है, कितना जहरीला है और कितना पुराना है। बहरहाल, सांपों का डर ग्रामीणों में अभी भी बना हुआ है।