UP ATS ने ISIS के लिए भर्ती की साजिश में एक छात्र को पकड़ा। वहीं, NIA ने भारत विरोधी साजिश में 7 विदेशियों (6 यूक्रेनी, 1 अमेरिकी) को गिरफ्तार किया। ये आतंकी गुटों को ड्रोन ट्रेनिंग और हार्डवेयर दे रहे थे।

लखनऊ: आतंकी संगठन ISIS से कनेक्शन के आरोप में उत्तर प्रदेश के आतंकवाद निरोधक दस्ते (ATS) ने एक डेंटल स्टूडेंट को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए लड़के का नाम हैरिस अली है, उसकी उम्र 19 साल है और वह सहारनपुर का रहने वाला है। खुफिया जानकारी के आधार पर जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो यह पूरा मामला सामने आया। हैरिस अपने एक साथी के साथ मिलकर इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहा था। इसके जरिए वे देश में ISIS का नेटवर्क फैलाने और लोगों को संगठन में भर्ती करने की कोशिश कर रहे थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वे भारत में बड़ी तबाही मचाने की साजिश रच रहे थे। हैरिस ने पूछताछ में बताया कि उसे लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है, बल्कि वह शरिया कानून और खलीफा राज की स्थापना का समर्थन करता है।

भारत के खिलाफ साजिश, 7 विदेशी गिरफ्तार

नई दिल्ली: एक दूसरे मामले में, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने भारत के खिलाफ आतंकी साजिश रचने के आरोप में 6 यूक्रेनी और एक अमेरिकी नागरिक समेत कुल 7 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इन सभी को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उन्हें 27 मार्च तक NIA की हिरासत में भेज दिया है।

क्या थी आतंकी साजिश?

आरोपियों ने वैध वीजा पर भारत में एंट्री ली थी, लेकिन वे बिना इजाजत के मिजोरम के संघर्ष वाले इलाके में घुस गए। इसके बाद वे वहां से म्यांमार गए और भारत विरोधी संगठनों से मुलाकात की। इन लोगों ने आतंकी गुटों को ड्रोन चलाने की ट्रेनिंग दी और आतंकी गतिविधियों के लिए हार्डवेयर भी सप्लाई किए। जांच में यह भी पता चला कि उन्होंने यूरोप से ड्रोन मंगवाकर भारत विरोधी ताकतों को दिए थे।

इस इनपुट के बाद NIA इन पर नजर रख रही थी। कुछ दिन पहले NIA ने कोलकाता, दिल्ली और लखनऊ एयरपोर्ट पर एक साथ छापा मारकर 7 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें से अमेरिकी नागरिक को कोलकाता एयरपोर्ट से, जबकि बाकी लोगों को लखनऊ और दिल्ली एयरपोर्ट से पकड़ा गया। इन सभी के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत मामला दर्ज किया गया है।