उत्तर प्रदेश सरकार केले की खेती पर 40% सब्सिडी दे रही है। एक हेक्टेयर पर लागत ₹1,02,462, मुनाफा ₹5 लाख तक। ऑनलाइन व ऑफलाइन आवेदन करें, जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और सरकारी योजना का लाभ उठाकर कम लागत में केले का बाग लगाएं।

अब वो समय गया जब किसान सिर्फ पारंपरिक खेती पर निर्भर रहते थे। भारत सरकार और राज्य सरकारें धीरे-धीरे किसानों को बागवानी की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं। इसी दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को केले की खेती पर आकर्षक सब्सिडी देने का ऐलान किया है। पोषण से भरपूर और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण केले की खेती अब कम लागत में बड़े मुनाफे का साधन बन सकती है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यूपी सरकार देगी केले की खेती पर 40% सब्सिडी

उत्तर प्रदेश सरकार के एकीकृत बागवानी मिशन के तहत, केले का बाग लगाने की लागत प्रति हेक्टेयर लगभग ₹1,02,462 तय की गई है। इस पर किसानों को 40% की सब्सिडी, यानी ₹40,985 का अनुदान मिलेगा। यह राशि दो किस्तों में दी जाती है:

  • पहली किस्त: ₹30,738 
  • दूसरी किस्त: ₹10,247

बाकी खर्च किसान को अपनी ओर से वहन करना होगा। सरकार यह रकम सीधे किसानों के बैंक खाते में भेजती है।

यह भी पढ़ें: अलीगढ़ में 18 वर्षीय हिंदू युवक की चाकू से निर्मम हत्या, इलाके में मचा बवाल

केले की खेती से मिलेगा लाखों का मुनाफा

केले की खेती का सबसे बड़ा फायदा इसका तेज़ रिटर्न है। बुवाई के 11 से 12 महीने बाद ही फसल तोड़ने लायक हो जाती है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक हेक्टेयर में किसान 30 से 60 टन तक केला उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। सही प्रबंधन और बाजार दर के अनुसार किसान ₹5 लाख तक का वार्षिक मुनाफा कमा सकते हैं।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज़

इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को कुछ जरूरी दस्तावेज़ तैयार रखने होंगे:

  • भूमि का खसरा-खतौनी प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र (वोटर आईडी आदि)
  • बैंक पासबुक की प्रति
  • पासपोर्ट साइज फोटो

जानिए ऑनलाइन आवेदन की पूरी प्रक्रिया

  1. किसान इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं:
  2. वेबसाइट http://dbt.uphorticulture.in पर जाएं।
  3. “Farmer Corner” पर क्लिक करें और खुद को रजिस्टर करें।
  4. मांगी गई जानकारियाँ भरें — जैसे आधार नंबर, बैंक विवरण, खसरा-खतौनी इत्यादि।
  5. सबमिट करने के बाद आवेदन संख्या नोट कर लें।
  6. आप इसी संख्या से अपने आवेदन की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।

स्वीकृति के बाद किसान को भारत सरकार द्वारा अनुमोदित संस्था से टिश्यू कल्चर केले के पौधे खरीदने होते हैं। खरीदी का बिल वेबसाइट पर अपलोड करना होता है। सत्यापन पूरा होने पर सब्सिडी की राशि किसान के खाते में दो किस्तों में भेज दी जाती है।

जानिए ऑफलाइन आवेदन की क्या है सुविधा

  • जो किसान इंटरनेट का उपयोग नहीं कर पाते, वे ऑफलाइन आवेदन भी कर सकते हैं। इसके लिए:
  • अपने जिला उद्यान विभाग कार्यालय जाकर फॉर्म भरें।
  • आवश्यक दस्तावेज़ — आधार कार्ड, बैंक पासबुक, खतौनी और दो फोटो जमा करें।
  • अनुमोदित संस्था से पौधे खरीदें और बिल जमा करें।
  • सत्यापन के बाद सब्सिडी की राशि सीधे आपके खाते में भेज दी जाएगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल किसानों को पारंपरिक फसलों से हटकर बागवानी और फलों की खेती की दिशा में प्रोत्साहित करती है। केले की खेती न केवल पौष्टिक लाभ देती है बल्कि यह आर्थिक रूप से भी किसानों के लिए सुनहरा अवसर बन सकती है। अगर किसान सही समय पर योजना में आवेदन करें, तो वे बहुत कम लागत में अपने खेतों से अधिकतम मुनाफा कमा सकते हैं।

यह भी पढ़ें: अयोध्या में मीरजापुर का कमाल! अब इन बर्तनों में लगेगा रामलला को भोग, पढ़िए पूरी खबर