सहारनपुर में जनसेवा केंद्र लूट मामले में आरोपी विन्नी नागर ने पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाया है। उसने वीडियो में दावा किया कि पुलिस ने दो निर्दोष युवकों को फंसाया और लूट की रकम भी कम बताई।

सहारनपुर | यूपी पुलिस पर फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगाने का सिलसिला थमता नहीं दिख रहा है। इस बार यह आरोप एक ऐसे व्यक्ति ने लगाया है, जो खुद लूट की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार कर रहा है, लेकिन साथ ही पुलिस के दावों को झूठा करार दे रहा है।

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सहारनपुर के जनसेवा केंद्र में हुई लूट के मामले ने नया मोड़ लिया है। आरोप है कि लूट में शामिल बदमाशों ने पुलिस के खिलाफ ऐसा बड़ा खुलासा किया है, जिससे पुलिस की क़ानूनी कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो गया है। लूट में शामिल बदमाश विन्नी नागर ने एक वीडियो वायरल कर यह दावा किया है कि पुलिस ने दो निर्दोष युवकों का फर्जी एनकाउंटर किया और उन्हें लूट में शामिल होने का झूठा आरोप लगाया। साथ ही उसने यह भी कहा कि पुलिस ने लूट में केवल 6900 रुपए बरामद किए थे, जबकि पुलिस 25 हजार रुपए का दावा कर रही है।

जनसेवा केंद्र की लूट की पूरी कहानी

21 दिसंबर को सहारनपुर के अंबेहटा पीर क्षेत्र में स्थित अखिलेश जैन के जनसेवा केंद्र में 4 नकाबपोश बदमाश घुस आए थे। हथियारों के दम पर उन्होंने कर्मचारियों को धमकाकर कैश की दराज को खींच लिया और 1.5 लाख रुपए लूट लिए। सीसीटीवी में यह घटना कैद हो गई, और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इस लूट के बाद पुलिस ने 27 दिसंबर को तीन अलग-अलग मुठभेड़ों में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें से दो के पैर में गोली मारी गई थी और उनके पास 25 हजार रुपए बरामद किए गए थे।

विन्नी नागर का बड़ा खुलासा

विन्नी नागर, जो इस लूट का मुख्य आरोपी था, ने अब एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। वीडियो में उसने पुलिस की कहानी को झूठा बताते हुए कहा कि लूट में केवल 6900 रुपए थे, जबकि पुलिस ने 25 हजार रुपए बरामद करने का दावा किया। उसने यह भी बताया कि लूट में छह बदमाश थे, लेकिन पुलिस ने निखिल और इस्तखार को फंसाया, जिनका इस लूट से कोई ताल्लुक नहीं था। निखिल के पास तो कोई पैसा ही नहीं था, और वह शराब पीने के लिए वहां आया था।

विन्नी ने यह भी खुलासा किया कि उसने लूट के बारे में पहले ही दारोगा को सूचित कर दिया था। उसने दारोगा से यह कहा था कि तीन बदमाश गांव में घूम रहे हैं, जिनके पास तमंचा और कारतूस हैं। बावजूद इसके दारोगा ने कोई कदम नहीं उठाया।

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पुलिस की सफाई

पुलिस ने भी इस पूरे मामले पर अपनी सफाई दी है। पुलिस का कहना है कि लूट में कुल आठ लोग शामिल थे और अब तक 5 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस ने विन्नी नागर के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि यह पेशेवर अपराधी है, जिस पर 19 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ जो कार्रवाई की गई, वह पूरी तरह से क़ानूनी थी और आरोपियों को सजा दिलवाने के लिए उचित कदम उठाए गए हैं।

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