उत्तर प्रदेश में औद्योगिक क्रांति को नई दिशा देने के लिए ‘कारखाना विधेयक, 2024’ को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल गई है। अब कर्मचारियों को 12 घंटे काम और 3 दिन की छुट्टी का नया मॉडल मिलेगा, महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम की अनुमति भी दी गई है।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अब देश की औद्योगिक क्रांति के नए युग में कदम रख चुका है। राज्य में फैक्ट्रियों के कामकाज को लेकर एक ऐतिहासिक बदलाव किया गया है। राष्ट्रपति ने ‘कारखाना (उत्तर प्रदेश संशोधन) विधेयक, 2024’ को मंजूरी दे दी है, जो अब उत्तर प्रदेश अधिनियम संख्या 14, 2025 बन चुका है। इस कानून के तहत फैक्ट्री कर्मचारियों के लिए 12 घंटे कार्य और 3 दिन अवकाश का नया कार्य मॉडल लागू किया गया है।

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प्रदेश सरकार का दावा है कि इस नए कानून से न केवल राज्य की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी बल्कि रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नई गति मिलेगी।विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव प्रदेश को देश के शीर्ष औद्योगिक हब की दिशा में ले जा सकता है।

महिलाओं को रात की शिफ्ट में काम करने की मंजूरी

इस अधिनियम की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब महिलाओं को भी रात की शिफ्ट में काम करने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि इसके लिए उनकी लिखित सहमति आवश्यक होगी और फैक्ट्री प्रबंधन को उनके लिए सुरक्षा के पर्याप्त इंतज़ाम करने होंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएगा और ‘वुमन इंडस्ट्रियल वर्कफोर्स’ को सशक्त बनाएगा।

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3 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ नया कानून

जानकारी के मुताबिक यह संशोधित अधिनियम 3 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हो चुका है। अब राज्य सरकार को यह अधिकार प्राप्त है कि वह फैक्ट्रियों में दैनिक कार्य समय 12 घंटे तक तय कर सके। हालांकि साप्ताहिक कार्य अवधि 48 घंटे से अधिक नहीं हो सकती।यदि कोई कर्मचारी इससे अधिक काम करता है, तो उसे ओवरटाइम नियमों के तहत अतिरिक्त भुगतान मिलेगा।

ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से

कानून के अनुसार, यदि कर्मचारी की लिखित सहमति हो तो वह लगातार 6 घंटे तक बिना अंतराल काम कर सकता है। निर्धारित सीमा से अधिक काम करने पर साधारण मजदूरी की दोगुनी दर से ओवरटाइम का भुगतान किया जाएगा।यह प्रावधान कर्मचारियों के हितों की रक्षा करते हुए उद्योगों को अधिक लचीले श्रम विकल्प देता है।

उद्योग और रोजगार पर पड़ेगा असर

औद्योगिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कानून उत्तर प्रदेश में ‘4-दिन-वर्कवीक’ मॉडल जैसा प्रभाव लाएगा। जहां कर्मचारियों को ज्यादा आराम के दिन मिलेंगे, वहीं कंपनियां लंबे शिफ्ट के जरिए उत्पादन क्षमता में बढ़ोतरी कर सकेंगी। इसके साथ ही विदेशी निवेशकों और नई फैक्ट्रियों के लिए उत्तर प्रदेश अब और भी आकर्षक गंतव्य बन सकता है।

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