उत्तर प्रदेश में होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की परीक्षा कड़ी सुरक्षा और तकनीकी निगरानी के बीच सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बायोमैट्रिक सत्यापन से कई फर्जीवाड़े पकड़े गए और आरोपियों पर कार्रवाई हुई। सोशल मीडिया अफवाहों पर भी सख्ती बरती गई।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा आयोजित होमगार्ड एनरोलमेंट-2025 की लिखित परीक्षा 25, 26 और 27 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक पूरी कराई गई। यह परीक्षा प्रदेश के 74 जिलों के 1053 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित हुई। पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए, जिससे परीक्षा शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित माहौल में संपन्न हो सकी।

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परीक्षा के दौरान बायोमैट्रिक सत्यापन, फोटो मिलान और डिजिटल निगरानी जैसी तकनीकों का इस्तेमाल किया गया, जिससे नकल और फर्जीवाड़े पर कड़ी नजर रखी जा सके। कूटरचित दस्तावेज, प्रतिरूपण और अनुचित साधनों के मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।

UP Home Guard Exam 2025: तकनीकी निगरानी और सख्ती का असर

इस परीक्षा में प्रशासन की सख्ती साफ दिखाई दी। 27 अप्रैल को हापुड़ और फतेहपुर में प्रवेश पत्र में जन्मतिथि से छेड़छाड़ कर फर्जी दस्तावेज बनाने वाले छोटेलाल और विक्रम सिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं अलीगढ़ और हाथरस में बायोमैट्रिक जांच के दौरान प्रतिरूपण की कोशिश करते हुए अमित कुमार और धर्मपाल सिंह को मौके पर ही पकड़ लिया गया। 26 अप्रैल को कानपुर नगर के बीएनएसडी इंटर कॉलेज में प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस छुपाने के मामले में एक सहायक शिक्षक सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।

इसके अलावा एटा में फर्जी प्रवेश पत्र बनाने वाले तेजवीर सिंह के खिलाफ कार्रवाई हुई, जबकि बरेली में अलग-अलग नामों से दो केंद्रों पर परीक्षा देने की कोशिश करने वाले अभ्यर्थी को बायोमैट्रिक जांच से पकड़ लिया गया। इससे स्पष्ट है कि पूरी परीक्षा प्रक्रिया में तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक सख्ती पूरी तरह प्रभावी रही।

Exam Security UP: सोशल मीडिया अफवाहों पर सख्त कार्रवाई

परीक्षा के दौरान सोशल मीडिया पर पेपर लीक और भ्रामक खबरें फैलाने के मामलों को भी गंभीरता से लिया गया। यूट्यूब चैनल और टेलीग्राम ग्रुप के जरिए अफवाह फैलाने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ लखनऊ में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता के तहत केस दर्ज किया गया है।

प्रशासन ने पूरे आयोजन में पारदर्शिता और निष्पक्षता को प्राथमिकता दी। आधुनिक तकनीक, कड़ी चेकिंग और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के कारण परीक्षा बिना किसी बड़े व्यवधान के सफलतापूर्वक संपन्न हुई।