लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने डिप्रेशन और आर्थिक तंगी के बावजूद मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना से सफलता पाई। डिजिटल मार्केटिंग और हेल्थ सर्विस से गांव में रोजगार और सुविधा बढ़ाई।

लखनऊ, 20 दिसंबर: जब जीवन में मुश्किलें और परेशानियां चारों तरफ से घेर लें, तो इंसान दो रास्ते चुन सकता है, टूटना या इतिहास रचना। लखीमपुर खीरी के मुजाहिद शेख ने इतिहास रचना चुना। आर्थिक तंगी, डिप्रेशन और समाज की उपेक्षा से गुजरते हुए उन्होंने खुद को संभाला और उत्तर प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान का एक सफल उदाहरण बन गए। यह कहानी सिर्फ एक युवक की नहीं, बल्कि उस सोच की है जो योगी आदित्यनाथ सरकार के विजन से संघर्ष को सफलता में बदल देती है।

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खेती की गिरती आमदनी और परिवार की जिम्मेदारी

मुजाहिद का परिवार लखीमपुर खीरी के एक कृषि प्रधान इलाके में रहता था और पूरी तरह खेती पर निर्भर था। समय के साथ खेती की लागत बढ़ी लेकिन आय घटती गई। परिवार की जरूरतें बढ़ीं और बच्चों के भविष्य की चिंता ने आर्थिक दबाव और बढ़ा दिया। मेहनत के बावजूद स्थिति नहीं बदली तो निराशा ने घर कर लिया।

डिप्रेशन और समाज की बेरुखी का सामना

लगातार तनाव के कारण मुजाहिद डिप्रेशन में चले गए। इस समय उन्हें सहयोग के बजाय ताने और मजाक का सामना करना पड़ा। आत्मविश्वास टूटने लगा और भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। लखीमपुर खीरी में समय पर इलाज और काउंसलिंग ने उन्हें दोबारा खड़े होने की ताकत दी। उनके तीन साल डिप्रेशन में बीते।

योगी सरकार के विजन से मिली नई राह

स्वास्थ्य में सुधार के बाद मुजाहिद के सामने सबसे बड़ा सवाल आजीविका का था। इसी समय मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उनके जीवन में अवसर ला दिया। ब्याज-मुक्त ऋण और सरकारी मदद ने उनके डर को दूर किया। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने उन्हें पूरी प्रक्रिया में सहायता दी और भरोसा दिलाया कि सरकार युवाओं के साथ है।

डिजिटल सोच से गांव में बदलाव

ऋण मिलने के बाद मुजाहिद ने डिजिटल मार्केटिंग एजेंसी खोली और गांव के व्यापारियों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ना शुरू किया। धीरे-धीरे छोटे दुकानदार डिजिटल सेवाओं से जुड़ने लगे। इसके बाद उन्होंने थायरोकेयर फ्रेंचाइजी ली और ब्लड सैंपल कलेक्शन सीखकर ग्रामीणों के लिए जांच सुविधा लाने लगे। यह कदम डिजिटल इंडिया का जमीनी स्तर पर उदाहरण बन गया।

संघर्ष से सफलता की नींव मजबूत

आज मुजाहिद का व्यवसाय मजबूती से चल रहा है। वे हर माह 5000 रुपये की किश्त जमा कर रहे हैं और 400 से अधिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने अपनी फर्म MSO इंटरप्राइजेज बनाकर फ्रेंचाइजी देना भी शुरू कर दिया है। यूट्यूब चैनल के माध्यम से वे डिजिटल सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी ग्रामीणों तक पहुंचा रहे हैं।

नेतृत्व को श्रेय और आत्मनिर्भरता की भावना

मुजाहिद अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देते हैं। उनका कहना है कि "सरकार के भरोसे और डिजिटल इंडिया की पहल ने मेरे गांव में रोजगार और आत्मनिर्भरता के अवसर बनाए।"

परिवार के सपनों को मिली नई उड़ान

आर्थिक स्थिरता आने के बाद मुजाहिद का पारिवारिक जीवन बदल गया। बच्चों को निजी स्कूल में दाखिला दिलाया और परिवार को दुकान के पीछे बनाए घर में बसाया। अब वे सम्मान और संतोष के साथ जीवन जी रहे हैं।

युवाओं के लिए जागरूकता और समाज सेवा

मुजाहिद अब मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के प्रति जागरूकता फैला रहे हैं। उन्होंने गांव की लड़कियों के लिए डिजिटल सशक्तिकरण का सप्ताह भर का निशुल्क कोर्स शुरू करने की योजना बनाई है।

प्रेरणा बन रही कहानी

मुजाहिद शेख की कहानी यह सिखाती है कि मुश्किल हालात में सही नेतृत्व, नीति और इच्छाशक्ति से सफलता हासिल की जा सकती है। योगी सरकार का विजन युवाओं को अवसर देकर आत्मनिर्भर बनाना है और मुजाहिद इसका जीवंत उदाहरण बन चुके हैं।