लखनऊ के सरोजनीनगर में संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान सरकारी जमीन बेचने की शिकायत आई। डीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए और एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी। कुल 562 शिकायतों में से 144 का निस्तारण किया गया।

उत्तरप्रदेश लखनऊ | सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एक नई विवाद की चिंगारी सुलगी, जब जैतीखेड़ा गांव में सरकारी जमीन बेचने की शिकायत सामने आई। जिलाधिकारी सूर्यपाल गंगवार ने तत्काल संज्ञान लिया और मामले की जांच के लिए एसडीएम सरोजनीनगर को जिम्मा सौंपते हुए एक सप्ताह में रिपोर्ट मांगी। इस बीच, डीएम की मौजूदगी में आयोजित समाधान दिवस में 150 शिकायतों में से 57 का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

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समाधान दिवस में कुल 562 शिकायतें आईं, 144 का निस्तारण हुआ

समाधान दिवस के दौरान कुल 562 शिकायतें आईं, जिनमें से 144 का समाधान तत्काल किया गया। वहीं, कुछ शिकायतें गंभीर थीं, जैसे सरकारी भूमि की बिक्री और दाखिल-खारिज के मामलों में अनियमितताओं को लेकर वकीलों ने भी अधिकारियों पर पक्षपात का आरोप लगाया। सरोजनीनगर तहसील बार असोसिएशन के अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह ने इस मुद्दे को उठाया, और अधिकारियों पर कृषि भूमि को आवासीय में बदलने में धांधली करने का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने तहसील परिसर में उपनिबंधक कार्यालय को शिफ्ट करने की मांग भी की।

जिलाधिकारी का तुरंत एक्शन

डीएम सूर्यपाल गंगवार ने इन मामलों पर तत्काल कार्रवाई करते हुए एसडीएम सरोजनीनगर को जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही उन्होंने एक सप्ताह के भीतर सभी लंबित मामलों की रिपोर्ट मांगी। जिलाधिकारी का कहना था, “हम सभी शिकायतों को गंभीरता से ले रहे हैं और सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी शिकायत का निवारण समयबद्ध तरीके से हो।”

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