उत्तर प्रदेश में 17 फार्मा कंपनियों को LOC दिया गया है। करीब 2000 करोड़ के निवेश से 10 हजार रोजगार के अवसर बनेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी को सुरक्षित और निवेश के लिए अनुकूल राज्य बताया।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को 17 फार्मा कंपनियों को लेटर ऑफ कम्फर्ट (LOC) प्रदान किया। इस मौके पर उन्होंने सभी निवेशकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन प्रदेश के औद्योगिक विकास और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।
निवेशकों को भरोसा: यूपी में सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड की गारंटी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश में सुरक्षा, स्थिरता और तेज़ी से काम करने की पूरी गारंटी है। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश ट्रस्ट और टाइमली डिलीवरी के लिए पहचाना जा रहा है। यूपी सरकार हर विश्वसनीय निवेशक के साथ मजबूती से खड़ी है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बढ़ती अर्थव्यवस्था
सीएम योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है। भारत अब लगभग 200 देशों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध करा रहा है, जो देश की बड़ी उपलब्धि है।
फार्मा कॉन्क्लेव से यूपी को मिला ग्लोबल पहचान
हाल ही में आयोजित फार्मा कॉन्क्लेव ने उत्तर प्रदेश को ग्लोबल हेल्थटेक मैप पर नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से कहा कि उनका निवेश सिर्फ फार्मा और मेडिकल डिवाइस क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की 25 करोड़ जनता के विश्वास से जुड़ा हुआ है।
2000 करोड़ का निवेश और 10 हजार रोजगार के अवसर
करीब 2000 करोड़ रुपये का निवेश रिसर्च और डेवलपमेंट में किया जा रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश को नई ऊंचाइयों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। इस निवेश से 10 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने की संभावना है, जिनमें स्किल्ड और अनस्किल्ड दोनों शामिल होंगे।
यूपी बना देश का ग्रोथ इंजन: जीएसडीपी 36 लाख करोड़
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 9 वर्षों में सरकार की स्पष्ट नीति और साफ नीयत के कारण उत्तर प्रदेश बीमारू राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश का ग्रोथ इंजन बन गया है। प्रदेश का जीएसडीपी अब बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
निवेश के लिए अनुकूल माहौल: लैंडबैंक और युवा वर्कफोर्स
सीएम योगी ने बताया कि यूपी एक बड़ा बाजार है और यहां निवेश के लिए अनुकूल वातावरण मौजूद है। प्रदेश में पर्याप्त लैंडबैंक उपलब्ध है और 56% वर्कफोर्स युवा है। इन युवाओं को स्किल, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी से जोड़कर उद्योगों के लिए तैयार किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं।
मजबूत कानून व्यवस्था और पॉलिसी स्टेबिलिटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास की पहली शर्त मजबूत कानून व्यवस्था होती है। 2017 के बाद यूपी की कानून व्यवस्था में बड़ा सुधार हुआ है। प्रदेश अब पॉलिसी पैरालिसिस से निकलकर पॉलिसी स्टेबिलिटी की ओर बढ़ चुका है। निवेश मित्र, निवेश सारथी और उद्यमी मित्र जैसे प्लेटफॉर्म निवेशकों को सहयोग दे रहे हैं।
उद्योग और निवेश में तेजी: 14 हजार से 32 हजार फैक्ट्रियां
2017 में प्रदेश में 14 हजार कारखाने थे, जो अब बढ़कर 32 हजार हो गए हैं। इससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं। यूपी को अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव जमीन पर उतर चुके हैं। जल्द ही 7-8 लाख करोड़ के प्रस्ताव भी लागू किए जाएंगे।
स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा विस्तार: मेडिकल कॉलेज और फार्मा पार्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 तक यूपी में 40 मेडिकल कॉलेज थे, जो अब बढ़कर 83 हो गए हैं। हर मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज भी संचालित हो रहा है। इसके अलावा गोरखपुर और रायबरेली में एम्स भी स्थापित हैं। ललितपुर में 1500 एकड़ में फार्मा पार्क और नोएडा में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित किया जा रहा है, जहां 100 से अधिक कंपनियां जुड़ चुकी हैं।
17 कंपनियों को मिला LOC: जानें निवेश का विवरण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 17 कंपनियों को LOC प्रदान किए। इनमें प्रमुख निवेश इस प्रकार हैं:
- बायोजेंटा लाइफसाइंस प्रा. लि.: बाराबंकी (1250 करोड़)
- रोमन्स मेडवल्र्ड प्रा. लि.: नोएडा (136.89 करोड़)
- हाईग्लांस लेबोरेट्रीज: नोएडा (120 करोड़)
- कोटेक हेल्थकेयर: गाजियाबाद (100 करोड़)
- जेबी रेमेडीज: हाथरस/नोएडा (70 करोड़)
- पॉजिट्रॉन बायोजेनिक्स: कानपुर (60.24 करोड़)
- आईवी टेक हेल्थकेयर: अलीगढ़ (56.12 करोड़)
- जेबीजेएम पैरेंट्रल्स: ललितपुर (51 करोड़)
- रास्पा फार्मा: रायबरेली (45.21 करोड़)
- एनबीएस ग्रुप: सीतापुर (42.59 करोड़)
- वेलनेस जेडक्योर: जालौन (11.65 करोड़)
- कैमले इंडस्ट्रीज: सहारनपुर (10 करोड़)
- रेडिकॉन लैब: नोएडा (10 करोड़)
- संजीवनी मेडिटेक: बरेली (7.95 करोड़)
- सेफकॉन लाइफसाइंसेज: बरेली (6.43 करोड़)
- आरएपी मेड सर्जिकल: हाथरस (5.53 करोड़)
- वोडा केमिकल: हापुड़ (4.84 करोड़)


