UP Rozgar Mission : योगी सरकार युवाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार दिलाने के लिए नई पहल कर रही है। रोजगार मेले, सेवामित्र पोर्टल और विदेश में नौकरी के अवसरों से यूपी के लाखों युवाओं को बेहतर भविष्य मिल रहा है।

Uttar Pradesh Employment Mission: आज के समय में हर युवा बेहतर नौकरी और सुरक्षित भविष्य की तलाश में है। लेकिन सवाल यह है कि क्या अवसर सिर्फ देश के भीतर तक सीमित रहेंगे या अब सीमाओं के पार भी जाएंगे? इसी सवाल का जवाब लेकर आई है उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल - उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन।

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क्यों शुरू किया गया रोजगार मिशन?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने यह महसूस किया कि रोजगार की राह सिर्फ स्थानीय नौकरियों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इसी सोच के साथ मिशन की शुरुआत हुई। इसका मकसद युवाओं को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अवसर दिलाना है।

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विदेशों में कैसे खुल रहे नए अवसर?

सरकार ने जानकारी दी है कि जापान, जर्मनी, क्रोएशिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों से नर्स, केयर गिवर्स, ड्राइवर और निर्माण श्रमिकों की मांग बढ़ रही है। इन नौकरियों में लगभग 1.50 लाख रुपये तक का वेतन मिलने की संभावना है। इससे न केवल युवाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित काम मिलेगा, बल्कि उन्हें अवैध रास्तों से विदेश जाने की मजबूरी से भी छुटकारा मिलेगा।

अब तक कितनी प्रगति हुई है?

इस मिशन के तहत 5,978 श्रमिकों को इज़राइल में रोजगार मिल चुका है, जबकि 1,383 और श्रमिकों को भेजने की तैयारी चल रही है। अनुमान है कि इससे प्रदेश को लगभग 1,000 करोड़ रुपये का रेमिटेन्स प्राप्त होगा। यह सीधे-सीधे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी’ के लक्ष्य की दिशा में अहम योगदान होगा।

रोजगार मेलों से कितनों को मिली नौकरी?

स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार दिलाने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़े पैमाने पर रोजगार मेले आयोजित किए। 1 अप्रैल 2017 से 30 अप्रैल 2025 तक कुल 10,830 रोजगार मेलों में 13,64,501 अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में नौकरी मिली। इन मेलों ने न सिर्फ युवाओं को मौके दिए बल्कि कंपनियों को भी कुशल और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध कराए।

सिर्फ नौकरी ही नहीं, करियर मार्गदर्शन भी

योगी सरकार का मानना है कि नौकरी पाना ही काफी नहीं, बल्कि सही दिशा पाना भी जरूरी है। इसी कारण अब तक 24,493 करियर काउंसलिंग कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनसे करीब 26.5 लाख युवाओं को मार्गदर्शन मिला। खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को इसका बड़ा लाभ हुआ है, जहां जानकारी की कमी के कारण कई प्रतिभाएं पीछे रह जाती थीं।

सेवामित्र योजना से घर बैठे रोजगार

स्थानीय स्तर पर रोजगार सुनिश्चित करने के लिए सेवामित्र पोर्टल की शुरुआत की गई है। इस पर अब तक 52,349 श्रमिक पंजीकृत हो चुके हैं। इनमें प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, पेंटर, एसी मैकेनिक और ब्यूटीशियन जैसी सेवाएं शामिल हैं। यह योजना श्रमिकों को आय का स्थायी साधन दे रही है और लोगों को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल रही हैं।

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