UPPSC RO ARO Controversy: हमीरपुर में परीक्षा केंद्र पर एक छात्र से कलावा काटने की मांग पर विवाद खड़ा हो गया। धार्मिक आस्था को लेकर छात्र ने किया विरोध, पुलिस ने बाद में दी परीक्षा में एंट्री। मामला सोशल मीडिया पर वायरल।

RO ARO Exam Viral Video: उत्तर प्रदेश में रविवार को आयोजित RO-ARO परीक्षा के दौरान हमीरपुर जिले के एक केंद्र पर ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। परीक्षा से पहले छात्र की धार्मिक आस्था और पुलिस के नियम आमने-सामने आ गए। कलावा काटने से इनकार पर छात्र ने हंगामा कर दिया और मामला सोशल मीडिया तक जा पहुंचा।

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हीरानंद इंटर कॉलेज (बिंवार, हमीरपुर) में छात्रों की गहन चेकिंग चल रही थी। अंगूठी, कड़ा और कलावा जैसी वस्तुएं उतरवाई जा रही थीं। इसी बीच फतेहपुर से आए यज्ञदत्त बाजपेयी से जब कलावा काटने को कहा गया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। उनका जवाब था, “यह कोई फैशन नहीं, हमारी संस्कृति का प्रतीक है। मंत्रों से बंधा है, नहीं हटेगा।”

यज्ञदत्त ने पुलिसकर्मियों के सामने धार्मिक मान्यता का हवाला देते हुए सवाल उठाया “आप मेटल डिटेक्टर से जांच लीजिए, पर कलावा नहीं कटेगा। क्या हमारी संस्कृति अब परीक्षा देने की राह में रोड़ा बन गई?” इस तीखी बहस के बाद पुलिस ने उन्हें लाइन से अलग कर दिया, जिससे मामला और गरम हो गया।

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जब तर्क की जीत हुई: पुलिस को झुकना पड़ा

हालात बिगड़ते देख वरिष्ठ पुलिसकर्मियों ने मामले को सुलझाने की पहल की। छात्र को शांत किया गया और पूरी तरह से जांच के बाद परीक्षा में प्रवेश मिल गया। यह एक ऐसा क्षण था जहां नियमों और मान्यताओं के बीच एक संतुलन की झलक दिखी।

क्या बोले अधिकारी? क्या बदलेगा कुछ आगे?

इस घटना पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट राममोहन कुशवाहा ने बताया, “छात्र ने अंगूठी उतार दी थी, लेकिन कलावा नहीं। उसे जांच के बाद प्रवेश दे दिया गया।” हालांकि इससे यह भी सवाल खड़े हो गए हैं कि क्या हर धार्मिक वस्तु को परीक्षा के नियमों के खिलाफ माना जाएगा?

सोशल मीडिया में गरमा-गरमी: श्रद्धा बनाम सिस्टम

यज्ञदत्त का वीडियो वायरल हो चुका है। सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं, कुछ इसे साहसिक बताते हैं, तो कुछ इसे अनुशासनहीनता करार देते हैं। बहस अब सिर्फ परीक्षा केंद्र तक सीमित नहीं रही, बल्कि धार्मिक स्वतंत्रता और प्रशासनिक सख्ती पर केंद्रित हो गई है।

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