वाराणसी कोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने रातभर में ज्ञानवापी के व्यास तहखाने में पूजा की व्यवस्था कर दी। बुधवार रात से यहां पूजा शुरू हो गई है।

वाराणसी। ज्ञानवापी परिसर में स्थित व्यास तहखाने में हिंदुओं द्वारा पूजा शुरू हो गई है। वाराणसी कोर्ट ने बुधवार को व्यास तहखाने में हिंदुओं को पूजा करने की अनुमति दी थी। कोर्ट ने जिला प्रशासन को सात दिन में इसकी व्यवस्था करने का आदेश दिया था।

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कोर्ट के आदेश के बाद ज्ञानवापी परिसर में हलचल तेज हुई थी। प्रशासन ने रातभर में ही पूजा की व्यवस्था कर दी। बुधवार रात से पूजा शुरू भी हो गई। पूजा के इंतजाम करने के बाद डीएम एस राजलिंगम ने कहा, "हमने अदालत के आदेश का अनुपालन किया है।"

ज्ञानवापी परिसर में बढ़ाई गई सुरक्षा

व्यास तहखाने में पूजा शुरू होने के साथ ही ज्ञानवापी परिसर और काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। व्यास तहखाने में आम भक्तों के लिए पूजा अभी शुरू नहीं हुई है। हालांकि कोर्ट के फैसले के बाद से भक्तों में खुशी है।

विष्णु शंकर जैन ने बताया की गई शयन आरती

हिंदू पक्ष के वकील विष्णु शंकर जैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि व्यास तहखाना में शयन आरती की गई है। उन्होंने पोस्ट किया, "कोर्ट के आदेश का पालन किया गया है। काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट के पुजारी द्वारा मूर्तियां स्थापित करने के बाद शयन आरती की गई। उनके सामने अखण्ड ज्योति प्रारम्भ हुई। सभी देवताओं की दैनिक आरती (सुबह की मंगला आरती, भोग आरती, शाम की आरती, देर सूर्यास्त की शाम की आरती और शयन आरती) शुरू हो गई है।"

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कोर्ट ने दिया था हिंदू पक्ष को पूजा का अधिकार
ज्ञानवापी केस में वाराणसी कोर्ट ने बुधवार को हिंदू पक्ष को व्यास तहखाने में नियमित पूजा का अधिकार दिया था। व्यास तहखाना ज्ञानवापी मस्जिद के अंदर है। इसे सीलबंद किया गया था। 1993 तक यहां हिंदू पूजा करते थे। कोर्ट के आदेश के बाद फिर से पूजा शुरू हो गई है।