Ambedkar Statues Protection Plan: योगी सरकार ने प्रदेश में जहां-जहां भी बाबा साहेब डॉ. अंबेडकर की मूर्तियां लगी हैं, वहां बाउंड्री वॉल और छत्र लगाने सहित स्थायी सुरक्षा प्रबंध शुरू करने का निर्णय लिया है।  

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में स्थापित बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर की सभी मूर्तियों की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। शनिवार, 6 दिसंबर को बाबा साहेब के महापरिनिर्वाण दिवस पर सीएम ने साफ कहा कि यह सिर्फ प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि संविधान निर्माता के प्रति वैचारिक सम्मान है। सरकार ने इसे अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए प्रदेशभर में सुरक्षा प्रबंध मजबूत करने की घोषणा की है।

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अंबेडकर की प्रतिमाओं की सुरक्षा सरकार की शीर्ष प्राथमिकता

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में जहां-जहां बाबा साहेब की प्रतिमाएं लगी हैं, वहां पूरी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि संविधान निर्माता के सम्मान की रक्षा सरकार के लिए सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समरसता से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। यह कदम दलित समाज के सम्मान और अधिकारों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है।

सभी जिलों में बाउंड्री वॉल और छत्र लगाने की तैयारी

सरकार अब बाबा साहेब की प्रतिमाओं के चारों ओर बाउंड्री वॉल का निर्माण कार्य शुरू करने जा रही है। इसके साथ ही हर प्रतिमा के ऊपर छत्र लगाने की भी योजना है, ताकि मौसम के प्रभाव से मूर्तियां सुरक्षित रहें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि तुरंत सभी जिलों में स्थापित मूर्तियों की सूची तैयार करें और सर्वे कराकर निर्माण कार्य में कोई देरी न होने दें।

संविधान की मर्यादा और सामाजिक सम्मान को सर्वोच्च स्थान

प्रदेश सरकार ने फिर से दोहराया कि संविधान की मूल भावना और समाज के दुर्बल वर्गों के सम्मान को सर्वोच्च स्थान देना उसकी नीति का आधार है। अंबेडकर की मूर्तियों की सुरक्षा को केवल प्रतीकात्मक कार्रवाई नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे उन आदर्शों को व्यवहार में उतारने का प्रयास बताया जा रहा है जिन पर भारतीय लोकतंत्र खड़ा है।