योगी सरकार के सड़क सुरक्षा अभियानों का असर दिखा है। वर्ष 2025 में यूपी में चार लाख कम चालान दर्ज हुए। हेल्मेट, सीटबेल्ट और ओवरस्पीडिंग पर सख्ती जारी है। 2026 में डिजिटल निगरानी और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह से अभियान और तेज होंगे।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने पूरे वर्ष सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए। इन प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिला है। वर्ष 2025 में पिछले वर्ष की तुलना में लगभग चार लाख कम चालान दर्ज किए गए, जो आम नागरिकों में सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है।

परिवहन विभाग की हालिया समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2024 में जहां 17,58,930 चालान दर्ज हुए थे, वहीं वर्ष 2025 में यह संख्या घटकर 13,78,919 रह गई। इन चालानों के माध्यम से लगभग 454.49 करोड़ रुपये की वसूली की गई।

वर्ष 2026 में डिजिटल निगरानी और जागरूकता पर फोकस

परिवहन विभाग ने बताया कि वर्ष 2026 में सड़क सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए डिजिटल निगरानी प्रणाली और जागरूकता अभियानों को तेज किया जाएगा। इसकी शुरुआत जनवरी 2026 में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के साथ की जा रही है, जिसमें पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाए जाएंगे।

हेल्मेट न पहनने पर सबसे अधिक चालान

योगी सरकार के विजन के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन कराया गया। इसके चलते उल्लंघन के मामलों में कुल मिलाकर कमी आई, लेकिन हेल्मेट न पहनने के मामले सबसे अधिक सामने आए। वर्ष 2025 में:

  • हेल्मेट न पहनने पर 6,32,901 चालान
  • 14,535 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित
  • सीटबेल्ट उल्लंघन में 1,33,189 चालान
  • ओवरस्पीडिंग के मामलों में बड़ी कमी
  1. 2024: 7,77,897 मामले
  2. 2025: 3,30,171 मामले
  • ड्रिंक एंड ड्राइव के 3,611 मामले
  • रॉन्ग साइड ड्राइविंग में 56,079 चालान

व्यवसायिक वाहनों में ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई

परिवहन विभाग ने व्यवसायिक वाहनों के खिलाफ भी सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया। वर्ष 2025 में:

  • ओवरलोडिंग के 54,923 मामले
  • गलत नंबर प्लेट के 11,892 चालान
  • मालवाहक से यात्री ढोने के 1,226 मामले
  • स्पीड लिमिट डिवाइस न लगाने पर 20,431 चालान

विशेष चेकिंग अभियानों में दर्ज हुए हजारों मामले

विभाग द्वारा चलाए गए विशेष अभियानों के तहत:

  • अप्रैल में अपंजीकृत ई-रिक्शा के 36,773 चालान
  • अंतर्जनपदीय ओवरलोड मालवाहकों के 1,786 मामले
  • मई में अनधिकृत यात्री वाहनों के 2,218 चालान
  • जून में निजी वाहनों के व्यावसायिक उपयोग पर 1,821 चालान
  • सितंबर में अन्य राज्यों के उल्लंघनकारी वाहनों के 6,832 चालान
  • अक्टूबर में बिना नंबर प्लेट डंपर-ट्रक के 5,073 चालान

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह में सघन चेकिंग अभियान

परिवहन विभाग के अनुसार, 01 जनवरी से शुरू हो रहे राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान प्रदेशभर में सघन चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। इस अभियान में परिवहन विभाग के साथ पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य विभाग और सूचना विभाग भी सहयोग करेंगे।

नो हेल्मेट नो फ्यूल अभियान और ब्लैक स्पॉट पर विशेष निगरानी

मोटरसाइकिल चालकों में जागरूकता बढ़ाने के लिए पूरे माह ‘नो हेल्मेट, नो फ्यूल’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही प्रदेश के चिन्हित ब्लैक स्पॉट और हाई रिस्क जोन में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सूचना विभाग के माध्यम से स्कूल-कॉलेजों में सड़क सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।