असम में बाढ़ से 1.36 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हिमंत बिस्वा सरमा से बात कर हर संभव सहायता का भरोसा दिया।

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने राज्य में बाढ़ से बने हालात की जानकारी ली और प्रभावित लोगों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता और सरकार इस कठिन समय में असम के लोगों के साथ खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जरूरत पड़ने पर उत्तराखंड सरकार हर संभव सहायता और सहयोग देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने यह भी कामना की कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जल्द हालात सामान्य हों और सभी लोग सुरक्षित रहें।

ब्रह्मपुत्र कटाव रोकने के लिए बनेगी दीर्घकालिक रणनीति

इससे पहले रविवार को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार नदी किनारे होने वाले लगातार कटाव की समस्या से निपटने के लिए एक लंबी और वैज्ञानिक योजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि इस काम में IIT गुवाहाटी के विशेषज्ञों की तकनीकी सहायता ली जाएगी, ताकि समस्या का स्थायी समाधान खोजा जा सके।

डिब्रूगढ़ के कटाव प्रभावित इलाकों का किया दौरा

चार दिन के ऊपरी असम दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री सरमा डिब्रूगढ़ जिले के पुखुरीजान क्षेत्र पहुंचे। यहां उन्होंने कटाव से प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और स्थानीय लोगों से सीधे बातचीत कर जमीनी स्थिति को समझने की कोशिश की। दौरे के दौरान लोगों ने कटाव से जुड़ी अपनी समस्याएं और चिंताएं मुख्यमंत्री के सामने रखीं।

90 करोड़ रुपये की परियोजना पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री सरमा ने माना कि जल संसाधन विभाग फिलहाल कटाव रोकने के लिए कुछ उपाय कर रहा है, लेकिन ब्रह्मपुत्र जैसी विशाल नदी के कारण होने वाले बार-बार के कटाव के लिए अधिक प्रभावी और वैज्ञानिक समाधान की जरूरत है। उन्होंने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों के लिए 90 करोड़ रुपये की एक एंटी-इरोजन परियोजना का प्रस्ताव पहले ही तैयार किया जा चुका है। CM सरमा के अनुसार, IIT गुवाहाटी की तकनीकी विशेषज्ञता और वैज्ञानिक सलाह को इस परियोजना से जोड़ा जाएगा, ताकि नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।

प्रभावित लोगों को दिया भरोसा

स्थानीय निवासियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार लोगों की सुरक्षा और आजीविका की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कटाव और बाढ़ जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए केवल अस्थायी नहीं, बल्कि लंबे समय तक असर दिखाने वाले उपाय लागू किए जाएंगे।

Assam Flood Update: पांच जिले अब भी बाढ़ की चपेट में

इस बीच असम के कई हिस्सों में बाढ़ का असर अभी भी बना हुआ है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के पांच जिले फिलहाल बाढ़ से प्रभावित हैं। इन जिलों में गोलाघाट, जोरहाट, शिवसागर, चराइदेव और धेमाजी शामिल हैं। बाढ़ का असर 21 राजस्व मंडलों और 335 गांवों तक पहुंच चुका है।

1.36 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित, हजारों हेक्टेयर फसल बर्बाद

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ से 1,36,203 लोग प्रभावित हुए हैं। वहीं करीब 15,422 हेक्टेयर कृषि भूमि और फसल को नुकसान पहुंचा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन के सामने राहत कार्यों के साथ-साथ कृषि नुकसान की भरपाई भी एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है।

बाढ़ में तीन की मौत, दो लोग अब भी लापता

बाढ़ से जुड़े हादसों में शिवसागर जिले से तीन लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इसके अलावा इसी जिले से दो लोगों के अब भी लापता होने की सूचना है। प्रशासन और राहत एजेंसियां उनकी तलाश में जुटी हुई हैं।

राहत और बचाव अभियान जारी

अधिकारियों के अनुसार वर्तमान स्थिति में किसी भी शहरी क्षेत्र में बाढ़ की सूचना नहीं मिली है। हालांकि ग्रामीण इलाकों में हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। राज्य सरकार और प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी रखे हुए हैं ताकि लोगों तक जरूरी सहायता समय पर पहुंचाई जा सके।