बदरीनाथ धाम में पहली बार श्रद्धालुओं की संख्या 17.79 लाख पार पहुंची। 22 सितंबर तक 17,79,805 भक्त दर्शन कर चुके हैं, जिससे नया रिकॉर्ड बना है।

देहरादून। उत्तराखंड की चार धाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। यमुनोत्री और गंगोत्री के बाद अब बदरीनाथ धाम ने भी तीर्थयात्रियों की संख्या का नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार बदरीनाथ धाम में दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 17,79,805 पहुंच गई है।

खास बात यह है कि अभी बदरीनाथ धाम के कपाट बंद होने में करीब डेढ़ से दो महीने का समय बाकी है। ऐसे में श्रद्धालुओं की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना बनी हुई है। राज्य पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 22 सितंबर तक 153 दिनों की यात्रा में बदरीनाथ धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या ने अब तक के सभी आंकड़ों को पीछे छोड़ दिया है।

Badrinath Yatra 2026: 17.79 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

इस वर्ष बदरीनाथ धाम की यात्रा 23 अप्रैल से शुरू हुई थी। यात्रा शुरू होने के बाद से लगातार श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी हुई है। मौसम में सुधार के साथ अब रोजाना दर्शन करने वाले यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मंगलवार को ही 6,685 श्रद्धालुओं ने बदरीनाथ धाम में दर्शन किए। इससे साफ है कि यात्रा के अंतिम चरण में भी तीर्थयात्रियों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ रही है। बदरीनाथ धाम उत्तराखंड के प्रमुख चार धामों में शामिल है और यहां भगवान विष्णु के बदरीनाथ स्वरूप की पूजा होती है।

Badrinath Pilgrims Record: 2000 में 6.95 लाख से अब 17.79 लाख तक पहुंची संख्या

बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या किस तरह बढ़ी है, इसे पिछले वर्षों के आंकड़ों से समझा जा सकता है। उत्तराखंड बनने के वर्ष 2000 में बदरीनाथ धाम में कुल 6,95,332 श्रद्धालु पहुंचे थे। 2007 में यह संख्या बढ़कर 7,68,107 हो गई। इसके बाद 2008 और 2010 में बदरीनाथ आने वाले तीर्थयात्रियों की संख्या 10 लाख के आंकड़े को पार कर गई। हालांकि, 2014 की विनाशकारी आपदा का असर चार धाम यात्रा पर भी पड़ा और बदरीनाथ पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटकर सिर्फ 1,59,575 रह गई। इसके बाद यात्रा व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार हुआ और श्रद्धालुओं की संख्या फिर बढ़ने लगी।

Badrinath Dham Footfall: 2018-19 में भी बढ़ी थी यात्रियों की संख्या

2018 में बदरीनाथ धाम में 10,48,051 और 2019 में 12,44,993 श्रद्धालु पहुंचे थे। लेकिन इसके बाद कोरोना महामारी के कारण यात्रा पर फिर बड़ा असर पड़ा। 2020 में केवल 1,55,055 श्रद्धालु बदरीनाथ पहुंचे, जबकि 2021 में यह आंकड़ा 1,99,409 रहा। महामारी के दौरान यात्रा से जुड़े प्रतिबंधों और परिस्थितियों का सीधा असर तीर्थयात्रियों की संख्या पर पड़ा। हालात सामान्य होने के बाद बदरीनाथ यात्रा ने फिर रफ्तार पकड़ी।

Badrinath Yatra Record: 2022 से लगातार बढ़ता गया फुटफॉल

2022 के बाद बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। आंकड़ों पर नजर डालें तो तस्वीर इस तरह है—

  • 2022: 17,63,578 श्रद्धालु
  • 2023: 17,80,429 श्रद्धालु
  • 2024: 17,74,264 श्रद्धालु
  • 2025: 17,78,298 श्रद्धालु
  • 2026: 22 सितंबर तक 17,79,805 श्रद्धालु

इस साल 22 सितंबर तक का आंकड़ा पिछले वर्ष के पूरे यात्रा सीजन के आंकड़े से भी आगे निकल गया है। यही वजह है कि बदरीनाथ धाम में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या को नया रिकॉर्ड माना जा रहा है। उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार राज्य में चार धाम यात्रा धार्मिक पर्यटन का प्रमुख हिस्सा है और बदरीनाथ इस यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल है।

Char Dham Yatra: श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा पर जोर

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि चार धाम यात्रा के दूसरे चरण में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने को देखते हुए धामों और यात्रा मार्ग के पड़ावों पर सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यात्रियों की स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। सरकार का फोकस सिर्फ श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को संभालने पर नहीं, बल्कि उन्हें यात्रा के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर भी है। बदरीनाथ धाम की यात्रा के लिए उत्तराखंड का आधिकारिक पोर्टल पंजीकरण, स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और यात्रा से जुड़े अन्य विकल्प उपलब्ध कराता है।

Badrinath Master Plan: भव्य और व्यवस्थित स्वरूप देने की तैयारी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में श्री बदरीनाथ धाम को उसकी धार्मिक और पौराणिक महत्ता के अनुरूप भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने का काम तेजी से किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि इन प्रयासों का उद्देश्य बदरीनाथ आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और उनकी यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाना है। बदरीनाथ क्षेत्र के विकास और पर्यटन से जुड़ी योजनाओं में बुनियादी सुविधाओं तथा तीर्थयात्रा से जुड़े ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।

इस बीच, बदरीनाथ धाम में 17.79 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं का पहुंचना इस वर्ष की चार धाम यात्रा में आस्था की बड़ी तस्वीर सामने रखता है। कपाट बंद होने तक यात्रा जारी रहने के कारण आने वाले दिनों में यह आंकड़ा और बढ़ सकता है।