Chamoli Cloudburst की वजह से शनिवार तड़के चमोली जिले के थराली में कई घर मलबे में दब गए। लोगों में दहशत, चीख-पुकार मच गई। एक महिला के दबने और कई घरों के टूटने की खबर है। प्रशासन और राहत टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य जारी है। 

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सबसे बड़ी त्रासदी
2013 में उत्तराखंड के केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा देश की सबसे भयावह त्रासदियों में से एक है, करीब 5,700 लोगों की मौत हुई थी।

Uttarakhand Disaster : उत्तराखंड से बड़े हादसे की खबर सामने आई है। चमोली जिले में शनिवार सुबह-सुबह अचानक बादल फटने से कई घरों पर मलबा गिर गया। यह घटना जिले के के दो गांव सागवाड़ा और चेपड़ों में हुई, जहां काफी नुकसान हुआ। बताया जा रहा है कि इस हादसे से एक व्यक्ति लापता है, जबकि एक घर पर मलबा गिरने से एक लड़की दब गई है।हादसा होते ही चीख-पुकार मच गई, किसी तरह लोग जान बचाकर घरों से भागे।

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चमोली में 70-80 घरों में करीब 2 फीट तक मलबा घुसा

हादसे की खबर लगते ही चमोली जिले की पुलिस और ज़िला मजिस्ट्रेट मौके पर पहुंचे। मौके पर राहत बचाव का कार्य किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों गांवों में 70-80 घरों में करीब 2 फीट तक मलबा घुस गया है। साथ ही आसपास के जर्जर हालत वाले मकानों से लोगों को निकलने का आदेश भी दे दिए गए हैं।

कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे पर आया मलबा

चमोली जिले में बादल फटने से थराली को जोड़ने वाला कर्णप्रयाग-ग्वालदम नेशनल हाईवे मिंग गधेरा पर मलबा आने के कारण बंद हो गया है। जिससे यातायात प्रभावित हुआ है। फिलहाल मौके पर ट्रॉफिक जाम जैसे हालत बन गए हैं। हालांकि पुलिस के जवान लोगों की मदद करने में जुटे हुए हैं। 

उत्तराखंड में बादल फटने की यह दूसरी घटना

बता दें कि उत्तराखंड में पिछले 15 दिनों से जमकर बारिश हो रही है। कई गांव और शहरों के संपर्क टूट चुके हैं। वहीं बादल फटने की यह दूसरी घटना है। इससे पहले 5 अगस्त को धराली में बादल फटा था, जिसमें 5 की मौत हुई और 100 से ज्यादा लापता हुए थे।