उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि इस साल अब तक 60 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं, जो एक नया रिकॉर्ड है। इसके साथ ही उन्होंने राज्य को नशामुक्त बनाने और बद्रीनाथ-केदारनाथ में चल रहे विकास कार्यों की भी जानकारी दी।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को बताया कि इस साल अब तक 60 लाख श्रद्धालु चारधाम यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस बार यात्रा ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और श्रद्धालुओं का आना अभी भी जारी है। CM धामी ने राज्य को नशामुक्त बनाने की सरकार की कोशिशों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को पूरी तरह से 'ड्रग-फ्री' बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इसके लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है, नशा तस्करों पर सख्त एक्शन हो रहा है और कई सामाजिक संस्थाएं भी इसमें मदद कर रही हैं। धामी ने कहा,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की कमान संभालने के बाद युवाओं को नशे से बचाने को एक बड़ी चुनौती माना था। इसी के तहत हम नशाखोरी के खिलाफ अभियान चला रहे हैं और तस्करों पर कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। हमने उत्तराखंड को नशामुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी कड़ी में आज कई स्वयंसेवी संस्थाओं ने नशामुक्त उत्तराखंड के समर्थन में एक 'दौड़' का आयोजन किया।
चारधाम यात्रा पर बात करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मानसून से पहले और मानसून के बाद, दोनों ही चरणों में भारी संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचे। उन्होंने बताया,
देश भर से श्रद्धालु आ रहे हैं और इस साल पुराने सभी रिकॉर्ड टूट गए हैं। अब तक 60 लाख लोग चारधाम यात्रा कर चुके हैं और यह सिलसिला अभी जारी है। यह अपने आप में एक नया मील का पत्थर है। इसके अलावा, हम आने वाले कुंभ मेले की तैयारियों में भी जुटे हुए हैं।
सीएम धामी ने यह भी बताया कि पीएम मोदी के केदारनाथ दौरे के बाद वहां जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। उन्होंने कहा कि बद्रीनाथ धाम के मास्टर प्लान पर भी तेजी से काम चल रहा है।उन्होंने अपनी बात खत्म करते हुए कहा,
यह बहुत खुशी की बात है कि जब से पीएम मोदी ने बाबा केदारनाथ के दर्शन किए हैं, तब से वहां भक्तों की भीड़ काफी बढ़ गई है। आपदा के बाद यह संख्या काफी कम हो गई थी। बद्रीनाथ धाम के लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है और उस पर तेजी से काम हो रहा है। यात्रा काफी कठिन है, फिर भी हम श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देने की लगातार कोशिश कर रहे हैं।









