उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने वोटर लिस्ट विवाद (SIR) को लेकर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब हार का ठीकरा संस्थाओं पर फोड़ना नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी के देशव्यापी अभियान का भी ऐलान किया।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कहा कि बीजेपी पूरे देश में "लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ" नाम से एक बड़ा अभियान चलाएगी। उन्होंने पिछले कुछ दिनों के हालात को लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक बताया। वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) विवाद के बीच कांग्रेस के विरोध प्रदर्शनों पर सीएम धामी ने करारा प्रहार किया। उन्होंने साफ कहा कि लोकतंत्र का मतलब जनता के फैसले का सम्मान करना होता है, अपनी हार के लिए संस्थाओं को दोष देना नहीं।
देहरादून में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धामी ने बताया कि यह अभियान पार्टी अध्यक्ष के नेतृत्व में पूरे देश में चलेगा। इसका पहला चरण 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक और दूसरा चरण 11 नवंबर से 30 नवंबर तक आयोजित किया जाएगा। सीएम धामी ने कहा,
पिछले कुछ दिनों में देश में जो हालात बने हैं, वे लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक हैं। जो पार्टी साठ साल तक लगातार सत्ता में रही, जिसने राज्य और केंद्र सरकारें चलाईं, उसे अब जनता ने उसके आचरण, चरित्र और काम की वजह से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। इसलिए भारतीय जनता पार्टी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान चलाने का फैसला किया है।
वोटर रजिस्ट्रेशन के मुद्दे पर धामी ने समझाया कि अगर कोई देहरादून से दिल्ली, सहारनपुर या हरिद्वार शिफ्ट होता है, तो उसका रजिस्ट्रेशन भी उसी हिसाब से ट्रांसफर हो सकता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा,
कांग्रेस दशकों से चुनाव हार रही है, तो वह किसे दोष देगी? लोकतंत्र का मतलब जनादेश का सम्मान करना है, हार का ठीकरा संस्थाओं पर फोड़ना नहीं। संविधान हाथ में पकड़ना आसान है, लेकिन अपने कर्मों से उसका पालन करना असल बात है।
आपको बता दें कि अक्टूबर में SIR विवाद को लेकर INDIA गठबंधन और कांग्रेस ने दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट तक INDIA गठबंधन के मार्च में कई बड़े नेता और हजारों समर्थक शामिल हुए थे। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी नेताओं ने कांग्रेस पर आरोप लगाया है कि वह बांग्लादेश की तर्ज पर देश में "सत्ता परिवर्तन" (regime change) चाहती है।
CM धामी ने 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद रामलीला मैदान के 'शुद्धिकरण' से जुड़े विवाद पर भी अपनी बात रखी। सीएम ने पहले बताया था कि यह शुद्धिकरण श्री राम सेना ने किया था। धामी ने कहा कि कांग्रेस ने “यह सोचकर एक नैरेटिव बनाने की कोशिश की कि इससे उन्हें फायदा होगा, लेकिन अब उनके नेता इस पर कुछ नहीं बोलते।” उन्होंने बताया कि एक धार्मिक संगठन ने मैदान की सफाई की थी और हवन किया था। धामी ने जोर देकर कहा कि यह "किसी व्यक्ति या जाति के खिलाफ नहीं था।"
कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इस मुद्दे को तूल देने का आरोप लगाते हुए धामी ने कहा कि सरकार की जांच में पता चला है कि हवन करने वालों में से पांच लोग खुद अनुसूचित जाति (SC) से थे। उन्होंने सवाल किया, “वे अपने ही समुदाय के खिलाफ हवन क्यों करेंगे?”









