हरिद्वार जाने वाली ट्रेन में एक गर्भवती महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जीआरपी की तत्परता से जच्चा-बच्चा दोनों सुरक्षित अस्पताल पहुंचे और अब स्वस्थ हैं।

हरिद्वार, उत्तराखंड | जब ट्रेन की सीट पर एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा हुई, तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह यात्रा एक जीवन-दायिनी कहानी में बदल जाएगी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी से हरिद्वार इलाज के लिए यात्रा कर रहे परिवार के लिए यह दिन एक अभूतपूर्व अनुभव बन गया। महिला ने चलती ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दिया और स्टेशन पहुंचते ही रेलवे पुलिस की तत्परता ने उसे और नवजात को सुरक्षित अस्पताल पहुंचा दिया।

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महिला का नाम फातिमा था और उनके पति मोहम्मद नजीर के साथ परिवार रुड़की से हरिद्वार इलाज के लिए जा रहा था। महिला के प्रसव के दौरान, ट्रेन में मौजूद यात्रियों ने उनकी मदद की और उन्हें सीट पर लिटाया। नजीर और फातिमा के परिवार में घबराहट का माहौल था, लेकिन फातिमा ने चलती ट्रेन में ही बच्चे को जन्म दे दिया।

जीआरपी की फौरन मदद से हुआ उपचार

जीआरपी के सीओ, स्वप्निल मुयाल ने बताया कि जैसे ही सूचना मिली, जीआरपी थाना प्रभारी अनुज सिंह अपनी टीम के साथ स्टेशन पहुंचे। उन्होंने तुरंत रेलवे अस्पताल, जिला अस्पताल और एंबुलेंस सेवा को कॉल किया। जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर रुकी, जीआरपी और अस्पताल की टीम ने प्राथमिक उपचार शुरू किया और महिला और बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालकर एंबुलेंस तक पहुँचाया। इसके बाद, दोनों को महिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता दी गई। महिला और उसके बच्चे दोनों पूरी तरह स्वस्थ हैं, और अब उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। महिला के पति मोहम्मद नजीर और ट्रेन के अन्य यात्रियों ने जीआरपी की तत्परता और सहायता के लिए धन्यवाद दिया।

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