uttarakhand helicopter accident : रुद्रप्रयाग में केदारनाथ से गुप्तकाशी जाते समय हेलिकॉप्टर क्रैश, 7 लोगों की मौत। मृतकों में 2 साल की बच्ची भी शामिल। खराब मौसम हादसे का कारण बताया जा रहा है।

kedarnath helicopter crash : रविवार सुबह उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र में दर्दनाक हादसा हो गया। केदारनाथ धाम से गुप्तकाशी जा रहा एक हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। मृतकों में एक दो साल की मासूम बच्ची भी शामिल है, जो अपने माता-पिता के साथ दर्शन कर लौट रही थी।

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महाराष्ट्र के दंपती और बच्ची सहित सभी सात लोगों की मौत

दुर्घटना में जान गंवाने वाले सभी यात्री तीर्थयात्री थे। महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले राजकुमार जायसवाल, उनकी पत्नी श्रद्धा और दो साल की बेटी काशी भी इस हेलिकॉप्टर में सवार थे। हेलिकॉप्टर ने सुबह 5:30 बजे केदारनाथ से उड़ान भरी थी और कुछ ही मिनटों बाद गौरीकुंड के जंगलों के ऊपर हादसे का शिकार हो गया। अधिकारियों के मुताबिक, हेलिकॉप्टर में 5 तीर्थयात्री, एक पायलट और एक मंदिर समिति का कर्मचारी था।

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मुख्यमंत्री धामी ने बुलाई उच्च स्तरीय बैठक, SOP तैयार करने के निर्देश

घटना के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपात बैठक बुलाई और हेलिकॉप्टर सेवाओं की सुरक्षा पर जोर दिया। उन्होंने एक सख्त मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें तकनीकी जांच और मौसम की स्थिति की समीक्षा अनिवार्य होगी। साथ ही, पूर्व में हुई सभी हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं की जांच के लिए बनी समिति को मौजूदा हादसे की भी समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।

कौन-कौन थे मृतक? ये रही पूरी लिस्ट

  1. विक्रम (46) – ग्राम रांसी, ऊखीमठ, रुद्रप्रयाग
  2. विनोद देवी (66) – बिजनौर, उत्तर प्रदेश
  3. तुस्ती सिंह (19) – बिजनौर, उत्तर प्रदेश
  4. राजकुमार सुरेश जायसवाल (41) – वाणी, महाराष्ट्र
  5. शारदा राजकुमार जायसवाल (35) – वाणी, महाराष्ट्र
  6. काशी (23 महीने) – वाणी, महाराष्ट्र
  7. कैप्टन राजवीर सिंह चौहान – जयपुर, राजस्थान (पायलट, आर्यन एविएशन)

खराब मौसम बना हादसे की वजह, दृश्यता थी लगभग शून्य

स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि दुर्घटना स्थल गौरी माई खर्क, गौरीकुंड से लगभग 5 किमी ऊपर स्थित है। हेलिकॉप्टर आर्यन एविएशन का था और हादसे का कारण शून्य दृश्यता और खराब मौसम बताया जा रहा है। टक्कर के बाद हेलिकॉप्टर में आग लग गई, जिससे बचाव कार्य और मुश्किल हो गया।

पायलट राजवीर सिंह: सेना में 15 साल सेवा देने वाला अनुभवी उड़ाक

हादसे में जान गंवाने वाले पायलट राजवीर सिंह चौहान ने 15 साल तक भारतीय सेना में बतौर पायलट सेवाएं दी थीं। वे अक्टूबर 2024 से आर्यन एविएशन में कार्यरत थे और बेल 407 हेलिकॉप्टर के अनुभवी पायलट माने जाते थे। उनके आकस्मिक निधन से उड्डयन क्षेत्र में भी शोक की लहर दौड़ गई है।

ममता बनर्जी ने जताया गहरा शोक

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी हादसे पर दुख जताया। उन्होंने इसे "नागरिक उड्डयन की एक और त्रासदी" बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

DGCA और AAIB करेंगे दुर्घटना की जांच

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने घोषणा की है कि विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच करेगा। दुर्घटना के बाद से हेलिकॉप्टर सेवाओं को अगले आदेश तक रोक दिया गया है।

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