MDDA की 114वीं बोर्ड बैठक में 25 विकास प्रस्तावों को मंजूरी मिली। लैण्ड पूलिंग, पर्यटन, होटल और निवेश परियोजनाओं को नई गति मिलेगी।
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की 114वीं बोर्ड बैठक बुधवार को गढ़वाल आयुक्त एवं प्राधिकरण अध्यक्ष की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में देहरादून और मसूरी क्षेत्र के विकास से जुड़े करीब 25 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। सभी प्रस्तावों की तकनीकी और नियामकीय समीक्षा के बाद उन्हें नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई।
इन प्रस्तावों में लैण्ड पूलिंग योजना, पर्यटन अवसंरचना विकास, होटल निर्माण, औद्योगिक भवन, रिटेल आउटलेट, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। माना जा रहा है कि इन निर्णयों से क्षेत्र में विकास गतिविधियों को गति मिलेगी और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे।
Land Pooling Scheme: आवासीय विकास को मिलेगा बड़ा विस्तार
बैठक की शुरुआत एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी द्वारा गढ़वाल आयुक्त एवं अन्य बोर्ड सदस्यों के स्वागत के साथ हुई। इसके बाद 113वीं बोर्ड बैठक की अनुपालन आख्या प्रस्तुत की गई, जिसे बोर्ड ने अनुमोदित कर दिया। इसके पश्चात 114वीं बैठक के एजेंडे पर चर्चा शुरू हुई। बैठक में विकासनगर क्षेत्र के कल्याणपुर, परगना पछवादून में एमडीडीए द्वारा लैण्ड पूलिंग योजना के तहत खरीदी गई भूमि के प्रथम चरण के लिए तैयार किए गए तलपट के भू-उपयोग को निःशुल्क परिवर्तित करने का प्रस्ताव रखा गया। बोर्ड ने इस प्रस्ताव को भी नियमानुसार आगे बढ़ाने की अनुमति प्रदान की। इस निर्णय को भविष्य की आवासीय और शहरी विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Tourism Projects: पर्यटन, होटल और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
बोर्ड बैठक में पर्यटन क्षेत्र से जुड़े कई प्रस्ताव भी चर्चा का केंद्र रहे। होटल, पर्यटन इकाइयों, रिटेल आउटलेट, औद्योगिक भवन, प्रोफेशनल ऑफिस, आश्रम, हॉस्टल और रेस्टोरेंट भवन निर्माण से संबंधित विभिन्न मामलों पर विस्तार से विचार किया गया। बोर्ड ने सभी परियोजनाओं को नियमों के अनुरूप आगे बढ़ाने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि इन परियोजनाओं के शुरू होने से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे बल्कि क्षेत्र में निजी निवेश और आधुनिक सुविधाओं का भी विस्तार होगा।
Planned Urban Development: नियोजित शहरी विकास पर विशेष फोकस
बैठक के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि तेजी से विस्तार कर रहे देहरादून और मसूरी क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से किए जाएं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक प्रस्ताव की विस्तृत जांच और समीक्षा के बाद मंजूरी दी गई। प्राधिकरण का मानना है कि पारदर्शिता और तय मानकों के अनुरूप विकास कार्य ही शहरों के संतुलित विस्तार का आधार बन सकते हैं।
बंशीधर तिवारी बोले- विकास और रोजगार दोनों को मिलेगा लाभ
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले क्षेत्र के संतुलित और व्यवस्थित विकास की दिशा में अहम कदम साबित होंगे। उन्होंने कहा कि लैण्ड पूलिंग योजना समेत विभिन्न विकास परियोजनाओं को गति मिलने से निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्राधिकरण गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य संस्कृति के साथ सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए प्रतिबद्ध है, जिससे आम नागरिकों को बेहतर और आधुनिक शहरी सुविधाएं मिल सकें।
एमडीडीए सचिव ने समयबद्ध कार्रवाई का दिया भरोसा
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बोर्ड द्वारा स्वीकृत सभी प्रस्तावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक परियोजना की तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को पारदर्शी तरीके से पूरा करते हुए विकास कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुरूप आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास रहेगा कि सभी स्वीकृत परियोजनाएं तय समयसीमा के भीतर आगे बढ़ें और उनका लाभ क्षेत्र के लोगों तक जल्द पहुंचे।
