उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी ने हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने राज्य आंदोलन, जनसेवा और श्रमिकों के हितों में उनके योगदान को याद किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वर्गीय हीरा सिंह बिष्ट को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि हीरा सिंह बिष्ट एक अनुभवी जननेता थे, जिन्होंने अपना पूरा सार्वजनिक जीवन आम लोगों की समस्याओं को समझने और उनका समाधान खोजने में लगाया। जनता के बीच उनकी मजबूत पकड़ और लोगों से उनका सीधा जुड़ाव हमेशा याद किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का राजनीतिक जीवन जनसेवा, संघर्ष और जनहित के प्रति प्रतिबद्धता का उदाहरण रहा। उन्होंने अपने पदों और जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए हमेशा आम आदमी की समस्याओं को प्राथमिकता दी। उनका निधन उत्तराखंड के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए बड़ी क्षति है।

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छात्र राजनीति से मंत्री तक का सफर, जनसेवा को बनाया प्राथमिकता

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने एक साधारण परिवार से निकलकर अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। इसके बाद उन्होंने ग्राम प्रधान, ब्लॉक प्रमुख और विधायक के रूप में जिम्मेदारियां निभाईं। आगे चलकर उन्होंने कैबिनेट मंत्री के रूप में भी प्रदेश की सेवा की।

अपने लंबे राजनीतिक सफर में उन्होंने हमेशा आम लोगों की समस्याओं और उनकी जरूरतों को महत्व दिया। धामी ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट की पहचान केवल उनके राजनीतिक पदों तक सीमित नहीं थी, बल्कि लोगों के साथ उनके गहरे जुड़ाव ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई। जनता के बीच रहकर उनकी परेशानियों को समझना और उनके समाधान के लिए प्रयास करना उनके कामकाज का अहम हिस्सा रहा।

श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के अधिकारों के लिए उठाई आवाज

मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी विशेषताओं में श्रमिकों और मेहनतकश लोगों के प्रति उनका लगाव शामिल था। उन्होंने उन लोगों की आवाज को मजबूती देने का काम किया, जो अपनी आजीविका और अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे। धामी ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की परेशानियों को करीब से समझा। उनके समाधान के लिए लगातार प्रयास भी किए। प्रदेश के कई परिवार उन्हें ऐसे जनप्रतिनिधि के रूप में याद करेंगे, जो उनकी समस्याएं सुनने और उनके अधिकारों के लिए खड़े होने को हमेशा तैयार रहते थे। मुख्यमंत्री के अनुसार, आम लोगों के बीच उनकी यही छवि उन्हें एक अनुभवी और संवेदनशील जननेता के रूप में स्थापित करती है।

उत्तराखंड राज्य आंदोलन और प्रदेश के विकास में रहा अहम योगदान

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राजनीतिक विचारधाराएं और काम करने के तरीके अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन जनता के प्रति समर्पण हर किसी के लिए सम्मान का विषय है। हीरा सिंह बिष्ट की स्पष्टवादिता, राजनीतिक अनुभव और जनहित के मुद्दों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने पृथक उत्तराखंड राज्य आंदोलन से लेकर प्रदेश के विकास तक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। राज्य के गठन और उसके बाद विकास से जुड़े विभिन्न प्रयासों में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा। मंत्री के रूप में भी उन्होंने श्रम, परिवहन और तकनीकी शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में जिम्मेदारियां निभाईं। ये ऐसे क्षेत्र हैं, जिनका सीधा संबंध आम लोगों, कामगारों और युवाओं से है। इन क्षेत्रों में उनके योगदान को भी लंबे समय तक याद किया जाएगा।

CM धामी बोले- जनता से जुड़ाव ही सच्ची जनसेवा का आधार

मुख्यमंत्री ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट का जीवन इस बात की सीख देता है कि जनता के साथ लगातार संवाद बनाए रखना और उसके सुख-दुःख में शामिल होना ही सच्ची जनसेवा का आधार है। किसी व्यक्ति की परेशानी को धैर्य से सुनना और उसे दूर करने के लिए ईमानदारी से प्रयास करना उसके साथ-साथ पूरे परिवार के लिए बड़ी राहत बन सकता है।

धामी ने कहा कि हीरा सिंह बिष्ट ने अपने सार्वजनिक जीवन में इन मूल्यों को विशेष महत्व दिया। वे लोगों की समस्याओं को सुनने और उनके समाधान के लिए प्रयास करने में विश्वास रखते थे। यही वजह है कि उनके काम और जनता के प्रति उनके समर्पण को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

हीरा सिंह बिष्ट का निधन उत्तराखंड के लिए बड़ी क्षति

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व कैबिनेट मंत्री हीरा सिंह बिष्ट के निधन को प्रदेश के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि जनसेवा के प्रति उनका समर्पण, आम लोगों के हितों के लिए किए गए प्रयास और सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान हमेशा स्मरणीय रहेगा। धामी ने उनके प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके जनहित से जुड़े कार्यों और जनता के साथ उनके रिश्ते को याद किया।