उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। राहुल ने NSA अजीत डोभाल को 'विलेन' कहा था, जिस पर CM धामी ने कहा कि यह देवभूमि के सपूत और देश की सुरक्षा का अपमान है।
देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को जमकर आड़े हाथों लिया। दरअसल, राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और RSS के खिलाफ अपनी राजनीतिक लड़ाई में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को 'विलेन' बताया था।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर धामी ने लिखा कि देश की सुरक्षा और स्वाभिमान किसी भी पार्टी की राजनीति से बहुत ऊपर है। उन्होंने डोभाल को उत्तराखंड का बेटा बताते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनका अपमान किया है, उन्हें इन बातों की अहमियत समझनी चाहिए।
CM धामी ने अपनी पोस्ट में लिखा, "देवभूमि उत्तराखंड के सपूत और देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल जी का अपमान करने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि राष्ट्र की सुरक्षा और देश का स्वाभिमान किसी भी राजनीतिक दल की छोटी राजनीति से कहीं ऊपर है।"
<br>मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी पर विदेश में भारत की छवि खराब करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राहुल सेना की बहादुरी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर सवाल उठाते हैं। सीएम ने यह भी पूछा कि आखिर कांग्रेस नेता को सैन्य भूमि उत्तराखंड के बढ़ते सम्मान और स्वाभिमान से इतनी दिक्कत क्यों है। CM धामी ने आगे लिखा, "विदेशी धरती पर जाकर देश की छवि खराब करना और हमारी सेना के शौर्य व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों पर सवाल उठाना राहुल गांधी की राष्ट्रविरोधी सोच को दिखाता है। आखिर सैन्य भूमि उत्तराखंड के बढ़ते मान, सम्मान और स्वाभिमान से राहुल गांधी को इतनी परेशानी क्यों है?"<br></p><div type="dfp" position=3>Ad3</div><p>इस पोस्ट के साथ शेयर किए गए एक वीडियो में CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड की जनता डोभाल पर दिए गए बयान के लिए राहुल गांधी को कभी माफ नहीं करेगी। उन्होंने कांग्रेस नेता पर सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसी सेना की कार्रवाइयों पर सवाल उठाने का भी आरोप लगाया। 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए धामी ने बताया कि पहलगाम की घटना के बाद भारतीय सेना ने उन ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह किया था, जहां से आतंकी अपनी गतिविधियां चला रहे थे। उन्होंने कहा,</p><blockquote><p>जब भारतीय सेना सर्जिकल स्ट्राइक करती है, तो वह सबूत मांगते हैं। जब एयर स्ट्राइक होती है, तब भी उन्हें सबूत चाहिए होता है। यहां तक कि वह 'ऑपरेशन सिंदूर' पर भी सवाल उठाते हैं। यह वही ऑपरेशन है जिसे हमारी सेना ने पहलगाम की घटना के बाद अंजाम दिया था। इसमें सेना ने सटीक मैपिंग और बेहतरीन रणनीति के जरिए आतंकियों के उन ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था, जहां से वे अपनी साजिशें रच रहे थे।<br></p></blockquote><p>इससे पहले, राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में अजीत डोभाल का नाम लेते हुए उन्हें इस पूरी कहानी का "विलेन" बताया था। राहुल ने दावा किया था कि जैसे-जैसे विपक्ष सरकार को घेर रहा है, इन लोगों के पास बचने का रास्ता कम होता जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) को लेकर की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी राहुल गांधी ने बड़े आरोप लगाए थे। उन्होंने कहा था कि सीईसी ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और अजीत डोभाल के दबाव और प्रभाव में काम कर रहे हैं। राहुल ने लिखा था,</p><div type="dfp" position=4>Ad4</div><blockquote><p>मैं पिछले एक दशक से ज्यादा समय से नरेंद्र मोदी और आरएसएस से लड़ रहा हूं। मैं उन्हें वैसे ही समझता हूं जैसे आप अपने किसी विरोधी को अंदर-बाहर से अच्छी तरह समझते हैं। इन लोगों की सबसे बड़ी पहचान इनकी कायरता है।</p></blockquote></p>








