Ankita Bhandari Case: दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान अंकिता के माता-पिता और कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया गया। कांग्रेस ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए और दुष्यंत गौतम की राज्यपाल नियुक्ति रोकने की मांग का समर्थन किया।

Ankita Bhandari Case: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस को लेकर राजधानी दिल्ली में सियासत फिर से गरमा गई है। गुरुवार तड़के इंडिया गेट पर न्याय की गुहार लगा रहे अंकिता के माता-पिता और कई कांग्रेसी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया। हालांकि, कुछ घंटों बाद सुबह 5 बजे सभी को रिहा कर दिया गया, लेकिन इस कार्रवाई ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

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Ankita Bhandari Protest: हिरासत में लिए गए माता-पिता और कांग्रेस नेता

प्रदर्शन में अंकिता के माता-पिता के साथ कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत, पवन खेड़ा और काजी निजामुद्दीन भी शामिल थे। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और कहा कि परिवार लंबे समय से अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग कर रहा है।

  • प्रदर्शनकारियों को गुरुवार सुबह करीब 4 बजे हिरासत में लिया गया।
  • सुबह लगभग 5 बजे उन्हें रिहा कर दिया गया।
  • कांग्रेस नेताओं ने महिला प्रदर्शनकारियों और सांसदों के साथ कथित बदसलूकी का मुद्दा उठाया।
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Dushyant Gautam Controversy: नियुक्ति पर क्यों उठा विवाद?

प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने पर सवाल उठाए। उनकी मांग है कि अंकिता भंडारी मामले में कथित वीआईपी एंगल की जांच पूरी होने तक नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने राष्ट्रपति से अपील की कि सीबीआई जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम की नियुक्ति रोक दी जाए। प्रदर्शनकारियों ने इस मामले में जवाबदेही तय करने की भी मांग की।

Pawan Khera, Supriya Shrinate ने पुलिस कार्रवाई पर क्या कहा?

कांग्रेस सांसद पवन खेड़ा ने हिरासत की कार्रवाई को लोकतांत्रिक स्वतंत्रता के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने सवाल उठाया कि अंकिता के माता-पिता न्याय मांग रहे हैं, जबकि दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर विवाद जारी है। कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने भी कार्रवाई की आलोचना की। उनका आरोप था कि चार साल से न्याय की मांग कर रहे माता-पिता के साथ बेरहमी से पेश आया गया। काजी निजामुद्दीन ने कहा कि कांग्रेस न्याय की मांग को लेकर अपना अभियान जारी रखेगी। इससे पहले बुधवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा ने इंडिया गेट पर प्रदर्शन कर रहे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की थी।

Ankita Bhandari Murder Case: तीन दोषियों को उम्रकैद

अंकिता भंडारी की हत्या 18 सितंबर 2022 को हुई थी। उसका शव 24 सितंबर को चिल्ला नहर से बरामद किया गया था। रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता, को मामले में गिरफ्तार किया गया था। 30 मई 2025 को कोटद्वार की अदालत ने तीनों को हत्या, सबूत मिटाने और अन्य आरोपों में उम्रकैद की सजा सुनाई थी। अब कथित वीआईपी एंगल की जांच और दुष्यंत गौतम की नियुक्ति को लेकर उठे सवालों के बीच परिवार की न्याय की मांग फिर चर्चा में है।