अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। न्याय की मांग और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में अंकिता के माता-पिता इंडिया गेट पर धरने पर बैठे। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने उनसे मुलाकात की।

2022 में उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अब एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में है। अंकिता को न्याय दिलाने और दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने के विरोध में उनके माता-पिता दिल्ली के इंडिया गेट पर धरने पर बैठे हैं। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी उनसे मिलने पहुंचे और परिवार के साथ बैठकर उन्हें सांत्वना दी।

इंडिया गेट पर धरना, परिवार से मिले राहुल-प्रियंका

अंकिता के माता-पिता की मांग है कि उनकी बेटी को न्याय मिले और मामले से जुड़े कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष जांच हो। दुष्यंत गौतम का नाम इस मामले को लेकर राजनीतिक आरोपों में सामने आता रहा है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता। कांग्रेस ने उनकी राज्यपाल के रूप में नियुक्ति के विरोध में प्रदर्शन का ऐलान किया है।

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चार दिन बाद नहर में मिला था अंकिता का शव

ऋषिकेश के पास वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी। घटना के चार दिन बाद उसका शव चीला नहर से बरामद हुआ। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो कर्मचारियों सौरभ भास्कर तथा अंकित गुप्ता को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

सीबीआई जांच और कथित वीआईपी का सवाल फिर चर्चा में

मामले में सीबीआई जांच की मांग को लेकर अंकिता के परिवार, कांग्रेस और सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन किए थे। विरोध के बीच उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फरवरी में सीबीआई जांच की सिफारिश की। हाल ही में सीबीआई के दो अधिकारी अंकिता के पैतृक गांव पहुंचे और उसके माता-पिता से कई घंटों तक पूछताछ की।

दिसंबर में वायरल हुए कथित ऑडियो क्लिप के बाद भी मामले में कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठे थे। अब परिवार का धरना एक बार फिर इस मांग को केंद्र में ले आया है कि जांच में सामने आए हर तथ्य की निष्पक्ष पड़ताल हो और उन्हें न्याय मिले।

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