ऋषिकेश में 22 वर्षीय मुस्कान ने नगर निगम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों को हराकर सबसे कम उम्र की महिला पार्षद बनने का गौरव हासिल किया।

उत्तराखंड नगर निगम चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित हुए और इस बार एक उम्मीदवार ने अपनी शानदार जीत से सबको चौंका दिया। ऋषिकेश के वार्ड नंबर 31 से निर्दलीय उम्मीदवार मुस्कान ने न केवल अपनी कड़ी मेहनत का लोहा मनवाया, बल्कि इतिहास भी रच दिया। 22 साल की मुस्कान ने कांग्रेस और बीजेपी के धुरंधरों को हराकर उत्तराखंड की सबसे कम उम्र की महिला पार्षद बनने का गौरव हासिल किया।

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मुस्कान की जीत, युवाओं के लिए प्रेरणा

मुस्कान, जो श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय में एमए की पढ़ाई कर रही हैं, ने अपने कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव की तैयारी करते हुए नगर निकाय चुनाव में भाग लेने का फैसला किया। जब कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव रद्द हुआ, तो मुस्कान ने अपनी ऊर्जा और उत्साह को नगर निगम चुनाव में लगा दिया। उन्होंने भाजपा और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवारों को हराकर वार्ड नंबर 31 से जीत हासिल की।

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बीजेपी और कांग्रेस के दिग्गजों को हराया

मुस्कान की जीत न केवल उनकी मेहनत का परिणाम है, बल्कि यह दर्शाता है कि युवा राजनीति में एक मजबूत भूमिका निभा सकते हैं। उनकी यह जीत प्रदेश के अन्य युवा उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। मुस्कान ने साबित कर दिया कि अगर हौसला बुलंद हो तो उम्र कभी भी रोकावट नहीं बन सकती।

चुनाव परिणाम और बीजेपी का दबदबा

उत्तराखंड के नगर निगम चुनाव में अधिकांश सीटों पर भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी जीतकर सामने आए हैं। हालांकि मुस्कान की यह ऐतिहासिक जीत ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। 23 जनवरी को हुए चुनाव के बाद, शनिवार को वोटों की गिनती में बीजेपी ने शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन मुस्कान की जीत ने इस चुनाव को एक नई दिशा दी है।

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