CM धामी ने कहा कि जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 200 से ज्यादा भ्रष्ट लोगों को जेल भेजा गया है। 1064 हेल्पलाइन से शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई का दावा किया।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी सरकार की कार्रवाई को लेकर बड़ा दावा किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर कहा कि सरकार के लगातार प्रयासों से प्रदेश में सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को मजबूत आधार मिला है। CM धामी ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत 200 से ज्यादा भ्रष्ट लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। उन्होंने साफ संदेश दिया कि भ्रष्टाचार में शामिल पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई में किसी तरह का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

Zero Tolerance on Corruption: धामी सरकार का सख्त रुख

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को सिर्फ घोषणा तक सीमित नहीं रखा है। छोटे कर्मचारी से लेकर बड़े अधिकारी तक, जो भी भ्रष्टाचार में शामिल पाया गया, उसके खिलाफ कार्रवाई की गई है। CM धामी के मुताबिक, सरकार का मकसद प्रशासन में ऐसा माहौल तैयार करना है जहां आम लोगों को सरकारी कामकाज में पारदर्शिता और जवाबदेही महसूस हो। उनका कहना है कि भ्रष्टाचार के मामलों में पद या स्तर देखकर कार्रवाई नहीं होगी।

उत्तराखंड सरकार इससे पहले भी रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में विजिलेंस कार्रवाई को लेकर सख्त रुख दिखाती रही है। जनवरी 2026 में हरिद्वार में जिला पूर्ति अधिकारी और एक सहायक की रिश्वत के मामले में गिरफ्तारी को भी सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान का हिस्सा बताया था।

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Uttarakhand 1064 Helpline: भ्रष्टाचार की शिकायत के लिए जनता का हथियार

मुख्यमंत्री ने 1064 भ्रष्टाचार विरोधी हेल्पलाइन को आम जनता की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि इस माध्यम से भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। उत्तराखंड सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी विजिलेंस हेल्पलाइन 1064 को नागरिकों के लिए उपलब्ध सेवा के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

यानी सरकार का जोर सिर्फ कार्रवाई करने पर नहीं, बल्कि लोगों को शिकायत दर्ज कराने का आसान माध्यम देने पर भी है। अगर किसी सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगी जाती है या भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायत सामने आती है, तो 1064 व्यवस्था के जरिए उसे विजिलेंस तक पहुंचाया जा सकता है।

Corruption Action: छोटे कर्मचारी से बड़े अधिकारी तक कार्रवाई का दावा

मुख्यमंत्री धामी ने अपने संदेश में कहा कि भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करते समय किसी स्तर पर भेदभाव नहीं किया गया। छोटे कर्मचारियों से लेकर बड़े अधिकारियों तक, भ्रष्टाचार में संलिप्त पाए गए लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए हैं। यह रुख पहले भी सरकार की बैठकों और आधिकारिक बयानों में सामने आता रहा है। मार्च 2025 में 1064 हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गहन जांच और कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उस बैठक में सरकार ने बताया था कि पिछले तीन वर्षों में 66 लोगों को ट्रैप किया गया और 72 भ्रष्टाचारियों को हिरासत में लिया गया था। उस समय सरकार ने शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखने, विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के लिए नोडल अधिकारियों की व्यवस्था और विजिलेंस को विभागीय सहयोग देने पर भी जोर दिया था।

Good Governance: सुशासन और पारदर्शिता पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उनकी सरकार के लगातार प्रयासों से गुड गवर्नेंस, पारदर्शिता और अकाउंटेबिलिटी को मजबूत आधार मिला है। सरकार की दलील है कि प्रशासन में जवाबदेही बढ़ाने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करने से आम नागरिकों का शासन व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा। इसी दिशा में भ्रष्टाचार की शिकायतों की निगरानी और विजिलेंस कार्रवाई को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड के सचिवालय प्रशासन विभाग की आधिकारिक जानकारी में भी सुशासन, पारदर्शिता, दक्षता और जवाबदेह प्रशासन को प्रभावी सार्वजनिक सेवा व्यवस्था के प्रमुख आधारों में बताया गया है।

1064 Helpline से भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को बढ़ाने की तैयारी

मार्च 2025 की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए थे कि जिन विभागों में भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतें ज्यादा आ रही हैं, वहां उनकी वजहों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाए। लंबे समय से एक ही स्थान पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के स्थानांतरण की जरूरत पर भी जोर दिया गया था।

उसी समीक्षा में 1064 हेल्पलाइन की प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए विभागों से विजिलेंस को सहयोग देने को कहा गया था। सरकार ने यह भी कहा था कि सही पाई गई शिकायतों पर कार्रवाई के साथ शिकायतकर्ताओं को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री के ताजा बयान को इसी व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान और जीरो टॉलरेंस नीति के संदर्भ में देखा जा सकता है। सरकार का संदेश सीधा है—भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई जारी रहेगी और प्रशासन में जवाबदेही को कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।