उत्तराखंड में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए CM धामी ने अधिकारियों को प्रभावी कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। गांवों में रोजगार और बाजार बढ़ाने पर जोर।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री आवास में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग की बैठक हुई। इसमें उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों से हो रहे पलायन की स्थिति, रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने, स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने और स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में आयोग की ओर से अलग-अलग जिलों में आयोजित की जा रही प्रवासी पंचायतों, पलायन निवारण और स्वरोजगार जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। आयोग के सदस्यों ने पहाड़ी क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ ही रिवर्स पलायन को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए।

Reverse Migration: पहाड़ों में वापसी के लिए तैयार होगी प्रभावी कार्ययोजना

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बैठक में मिले सभी सुझावों पर गंभीरता से विचार किया जाए और उनके आधार पर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रिवर्स पलायन को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को अपनी-अपनी योजनाओं और विभागीय गतिविधियों के जरिए मिलकर काम करना होगा। सरकार की योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे, यह भी सुनिश्चित किया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सिर्फ योजनाएं बनाना पर्याप्त नहीं है। उनका फायदा जमीन पर लोगों तक पहुंचे, इसके लिए विभागों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है।

Scroll to load tweet…

Uttarakhand Employment: गांवों तक पहुंचे स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को स्वरोजगार और आजीविका से जुड़ी सरकारी योजनाओं की जानकारी आसान और प्रभावी तरीके से दी जानी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों या बैंकों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए। साथ ही, सरकारी योजनाओं से जुड़ी जरूरी जानकारी को गांव स्तर तक पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश भी दिए गए, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी न हो।

Uttarakhand Self Employment: स्थानीय संसाधनों से युवाओं को रोजगार देने की तैयारी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वरोजगार की काफी संभावनाएं हैं। यहां मौजूद स्थानीय संसाधनों, पारंपरिक ज्ञान और लोगों के कौशल को रोजगार से जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने गांव में ही आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने के लिए ठोस प्रयास किए जाने चाहिए। इससे न सिर्फ स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के लिए गांवों से बाहर जाने की मजबूरी भी कम होगी। मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को बड़े स्तर पर बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। उन्होंने उत्पादों की गुणवत्ता और ब्रांडिंग पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ उनके लिए बेहतर बाजार तैयार करने की जरूरत बताई।

उत्तराखंड के उत्पादों की ब्रांडिंग और बाजार पर जोर

बैठक में स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ों में तैयार होने वाले उत्पादों को सिर्फ स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। इनकी गुणवत्ता बेहतर करने, सही तरीके से ब्रांडिंग करने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने पर काम किया जाए। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ाने और स्वरोजगार को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पलायन रोकने के लिए गांवों में सुविधाएं बढ़ाना जरूरी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि रिवर्स पलायन सिर्फ रोजगार देने से संभव नहीं होगा। इसके लिए गांवों में बेहतर सुविधाएं और नई संभावनाएं भी विकसित करनी होंगी। उन्होंने कहा कि लोगों को गांव में रोजगार के साथ बेहतर जीवन की सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। इसके लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा और योजनाओं को सिर्फ कागजों तक सीमित रखने के बजाय परिणाम देने पर ध्यान देना होगा। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों से परिणामोन्मुखी कार्ययोजना के साथ आगे बढ़ने को कहा, ताकि पर्वतीय क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के अवसर वास्तव में बढ़ाए जा सकें।

प्रवासी पंचायतों और जागरूकता कार्यक्रमों पर भी चर्चा

बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग ने विभिन्न जिलों में चल रही प्रवासी पंचायतों और पलायन निवारण जागरूकता कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी दी। इन कार्यक्रमों के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों और प्रवासियों से संवाद कर पलायन की वजहों को समझने तथा गांवों में रोजगार और स्वरोजगार के विकल्प तैयार करने पर काम किया जा रहा है। आयोग के सदस्यों ने भी रिवर्स पलायन को गति देने के लिए अपने सुझाव मुख्यमंत्री के सामने रखे।

बैठक में ये अधिकारी और आयोग के सदस्य रहे मौजूद

बैठक में ग्राम्य विकास एवं पलायन निवारण आयोग के उपाध्यक्ष एस.एस. नेगी, सदस्य अनिल सिंह शाही, दिनेश रावत, सुरेश सुयाल, राम प्रकाश पैन्यूली और रंजना रावत मौजूद रहे। इसके अलावा सचिव धीराज गर्ब्याल, डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी, सी. रविशंकर, अहमद इकबाल, अपर सचिव सौरभ गहरवार, अनुराधा पाल और संतोष बडोनी भी बैठक में उपस्थित रहे।