अमेरिका की बड़ी टेक कंपनियां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) अपनाने के कारण बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी कर रही हैं। इसे अस्थायी नहीं, बल्कि एक स्थायी बदलाव बताया जा रहा है। सैलरी से बचाए गए पैसे को AI में निवेश किया जा रहा है, जिससे टेक कर्मचारियों का भविष्य खतरे में है।

वॉशिंगटन: टेक की दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद से ही अमेरिका की ज़्यादातर कंपनियां बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकाल रही हैं। आर्थिक जानकारों का मानना है कि यह कोई कुछ समय का बदलाव नहीं, बल्कि एक स्थायी बदलाव है। आंकड़ों के मुताबिक, 2026 में 92,000 टेक कर्मचारियों को निकाला गया, जबकि 2020 से अब तक 9,00,000 लोग अपनी नौकरी खो चुके हैं। इनमें से 20,000 लोग तो सिर्फ टेक की दिग्गज कंपनियों मेटा और माइक्रोसॉफ्ट से निकाले गए हैं। अमेज़ॅन, गूगल, ओरेकल, सेल्सफोर्स, नाइकी और स्नैप जैसी कंपनियां भी छंटनी करने में पीछे नहीं हैं। इसकी वजह AI को अपनाना और कोरोना के समय हुई गैर-जरूरी भर्तियां बताई जा रही हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

यह प्रक्रिया रुकने वाली नहीं

मेटा आने वाले दिनों में 8,000 और लोगों को निकालने की योजना बना रहा है और उसने 6,000 पदों पर नई भर्तियां न करने का फैसला किया है। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट अपने 7% अमेरिकी कर्मचारियों को स्वैच्छिक रिटायरमेंट लेने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। नाइकी ने तो 1,400 पद ही खत्म कर दिए हैं।

AI पर भारी-भरकम निवेश

एक तरफ कंपनियां लागत घटाने के लिए कर्मचारियों को निकाल रही हैं, तो दूसरी तरफ AI पर जमकर पैसा लगा रही हैं। एक अनुमान के मुताबिक, अल्फाबेट, माइक्रोसॉफ्ट, मेटा और अमेज़ॅन 2026 में कुल मिलाकर 66 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। ओरेकल में छंटनी की वजह से 75,000 से 94,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। जो कंपनियां पहले 250 कर्मचारियों के साथ 472 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाती थीं, वे अब सिर्फ 50 कर्मचारियों के साथ उतना ही कमा रही हैं।

ग्लासडोर एम्प्लॉई कॉन्फिडेंस इंडेक्स के अनुसार, टेक सेक्टर में कर्मचारियों का अपनी कंपनी के भविष्य को लेकर भरोसा 6.8% गिरकर मार्च में 47.2% पर आ गया है। कहा जा रहा है कि इसी डर से कई लोग खुद ही नौकरी छोड़ रहे हैं।

ईरान ने अमेरिका के युद्धविराम प्रस्ताव का दिया जवाब

इस्लामाबाद: ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया है कि युद्ध खत्म करने के अमेरिकी प्रस्ताव पर ईरान ने अपना जवाब मध्यस्थ पाकिस्तान के ज़रिए भेज दिया है। पाकिस्तान ने भी इसकी पुष्टि की है। रविवार को आई रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के पहले चरण में युद्ध खत्म करने के साथ-साथ खाड़ी और होर्मुज जलडमरूमध्य में 'समुद्री सुरक्षा' सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा।

पाकिस्तान के एक राजनयिक सूत्र ने बताया कि ईरान का जवाब अमेरिका को भेज दिया गया है। हालांकि, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने यह बताने से इनकार कर दिया है कि ईरान के प्रस्ताव में क्या है। वॉशिंगटन ने इस हफ्ते की शुरुआत में ईरान को 14-सूत्रीय प्रस्ताव भेजा था।