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Ghaziabad Sisters Suicide Case: 2 मिनट में बच्चों के फोन में ऑन करें ये सेटिंग, वरना पछताना पड़ सकता है
Kids Mobile Safety Tips: गाजियाबाद में ऑनलाइन लव गेम सुसाइड केस ने हर पैरेंट को अलर्ट कर दिया है। ऐसे में उन्हें बच्चों को फोन में पैरेंटल कंट्रोल जरूर ऑन करने चाहिए। जानिए सिर्फ 2 मिनट में बच्चों के फोन में इसे कैसे ऑन करें और इससे क्या होगा?

गाजियाबाद सुसाइड केस क्यों अलर्ट साइन?
गाजियाबाद में ऑनलाइन लव गेम से जुड़ा तीन बच्चियों का सुसाइड केस हर माता-पिता को झकझोर देने वाला है। यह सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक सीधी चेतावनी है, खासकर उन पैरेंट्स के लिए, जिनका बच्चा दिन-रात फोन से चिपका रहता है। आज लगभग हर बच्चे के हाथ में स्मार्टफोन है, लेकिन उस फोन के अंदर मौजूद कंटेंट, गेम और अनजान लोग बच्चे की सोच, भावनाओं और फैसलों को चुपचाप अपने हिसाब से मोड़ रहे हैं। अच्छी बात यह है कि अब भी हालात संभाले जा सकते हैं। बच्चे के फोन में पैरेंटल कंट्रोल को ऑन करके उसे काफी हद तक सेफ बनाया जा सकता है।
पैरेंटल कंट्रोल क्या हैं और क्यों जरूरी?
पैरेंटल कंट्रोल का मतलब बच्चा क्या देख सकता है, कौन-सा ऐप चला सकता है, किससे बात कर सकता है, कितना समय फोन इस्तेमाल करेगा..इन सब पर माता-पिता का कंट्रोल होना। आज के ऑनलाइन गेम और सोशल प्लेटफॉर्म बच्चों से भावनात्मक जुड़ाव बनाते हैं, फिर धीरे-धीरे उन्हें अकेला करते हैं और डर, दबाव और झूठी दोस्ती के जाल में फंसा देते हैं बच्चे कई बार समझ ही नहीं पाते कि कौन सही है, कौन गलत और कब रुकना है? यहीं पैरेंटल कंट्रोल एक सेफ्टी वॉल बनता है।
पैरेंटल कंट्रोल ऑन करने से क्या होगा?
- बच्चों को फोन में कोई भी गलत कंटेंट डाउनलोड नहीं होगा।
- 18+ गेम्स और कंटेंट ब्लॉक हो जाएंगे।
- बच्चे कुछ भी गलत नहीं देख पाएंगे।
बच्चों के फोन में पैरेंटल कंट्रोल कैसे ऑन करें?
- एंड्रॉयड फोन के प्ले स्टोर पर जाएं।
- सेंटिग्स पर टैप करके खोलें।
- फैमिली ऑप्शन में जाएं।
- पैरेंटल कंट्रोल्स वाले ऑप्शन पर क्लिक कर ऑन करें।
- चार अंकों का पिन डालें, इसे बच्चों से शेयर न करें।
- ऐप्स और गेम्स जो ब्लॉक करना है सेलेक्ट करें।
- बच्चे की उम्र चुनें और सेव ऑप्शन पर क्लिक करें।
बच्चों को फोन में ये 5 सेटिंग जरूर ऑन रखें
- ऐप डाउनलोड की परमिशन
- स्क्रीन टाइम लिमिट
- एडल्ट कंटेंट ब्लॉक
- अननोन चैट रिस्ट्रिक्शन
- लेट नाइल फोन लॉक
पैरेंट्स ये गलती बिल्कुल न करें
पैरेंट्स को कभी भी बच्चे से अचानक फोन नहीं छीन लेना चाहिए। इसके अलावा गुस्से में गेम डिलीट कर देना और 'फोन ही खराब है' कहकर बात बंद कर देने से भी बचना चाहिए। इससे बच्चा झूठ बोलने लगता है, छुपकर फोन इस्तेमाल करता है और ज्यादा अंदर चला जाता है। इसलिए उनसे हमेशा शांति से ही बात करें और बताएं उनके लिए क्या सही और क्या गलत है।
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