जियो में अब तक पांच बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है। सबसे पहले फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया था। फेसबुक के बाद सिल्वरलेक, विस्टा पार्टनर्स और जनरल अटलांटिक ने जियो में निवेश किया। 

बिजनेस डेस्क। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) जियो प्लेटफॉर्म्स के लिए एक पर एक डील किए जा रहा है। जियो के लिए एक महीने के अंदर 5वीं बड़ी डील हुई है। अब अमेरिका की एक और निजी इक्विटी कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश करने का ऐलान किया है। 

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जियो में 11367 करोड़ रुपए का निवेश करने वाली अमेरिका की निजी इक्विटी कंपनी केकेआर है। केकेआर को जियो में 2.32 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा। केकेआर का ये निवेश एशिया में सबसे बड़ा है। केकेआर के साथ डील के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स की इक्विटी वैल्यू 4.91 लाख करोड़ रुपये जबकि इंटरप्राइज वैल्यू 5.16 लाख करोड़ रुपये हो जाएगी। 

1 माह में 78562 करोड़ रुपए का निवेश
जियो में अब तक पांच बड़ी कंपनियों ने निवेश किया है। सबसे पहले फेसबुक ने जियो प्लेटफॉर्म्स में निवेश किया था। फेसबुक के बाद सिल्वरलेक, विस्टा पार्टनर्स और जनरल अटलांटिक ने जियो में निवेश किया। एक माह में जियो प्लेटफॉर्म्स में कुल 78562 करोड़ रुपए इन्वेस्ट हुआ है। 

क्यों डील कर रहे हैं मुकेश अंबानी ?
जियो प्लेटफॉर्म्स, RIL की सब्सिडियरी है जो रिलायंस जियो इन्फोकॉम लिमिटेड, जियो ऐप्स और हैप्टिक, रिवायर, फाइंड, नाउफ्लोट्स, हैथवे और डैन जैसे कई एंटीटी में इन्वेस्ट का संचालन करती है। दरअसल ये इन्वेस्ट उस कवायद का हिस्सा है जिसके जरिए रिलायंस इंडस्ट्र्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी कंपनी को कर्जमुक्त बनाना चाहते हैं।