Meta Layoffs: मार्क जुकरबर्ग की कंपनी में बड़ी छंटनी, जानें कौन बचा, किसकी गई नौकरी
Meta Jobs Cut: सोशल मीडिया की दिग्गज कंपनी मेटा ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी का फैसला लिया है। इस बार कंपनी के निशाने पर वर्चुअल रियलिटी (VR) से जुड़ा डिविजन रियलिटी लैब्स है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 1,000 से ज्यादा कर्मचारी बाहर जा सकते हैं।

मेटा की छंटनी का असर कहां सबसे ज्यादा पड़ेगा?
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह छंटनी कंपनी के हार्डवेयर और मेटावर्स प्रोजेक्ट्स से जुड़े करीब 10% स्टाफ को प्रभावित करेगी। इस छंटनी का सबसे ज्यादा असर Meta के VR गेमिंग और वर्चुअल सोशल नेटवर्क से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर पड़ा है। Quest VR हेडसेट, Horizon Worlds और इससे जुड़े कई गेमिंग स्टूडियो में नौकरियां कम की गई हैं। जानकारी के मुताबिक, आर्मेचर स्टूडियो, ट्विस्टेड पिक्सेल और संजारू (Sanzaru) जैसे VR स्टूडियो को बंद किया जा रहा है, जबकि कुछ अन्य यूनिट्स में कर्मचारियों की संख्या घटाई जा रही है।
कर्मचारियों को कैसे दी गई जानकारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, मेटा के CTO एंड्रयू बोसवर्थ रियलिटी लैब्स टीम के साथ ऑल-हैंड्स मीटिंग करने वाले हैं, जिसमें कर्मचारियों को आगे की रणनीति के बारे में जानकारी दी जाएगी। कंपनी ने आधिकारिक बयान में छंटनी की पुष्टि तो की है, लेकिन प्रभावित कर्मचारियों की सटीक संख्या पर कोई टिप्पणी नहीं की है।
मेटा में क्यों हो रही है यह छंटनी
मेटा ने यह कदम ऐसे समय पर उठाया है, जब उसके VR प्रोजेक्ट्स उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। रियलिटी लैब्स पिछले कई सालों से लगातार घाटे में चल रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, 2020 के बाद से इस डिविजन को 70 अरब डॉलर से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। कंपनी का मानना है कि मौजूदा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल जरूरी है, इसलिए VR से जुड़े कुछ खर्चों में कटौती की जा रही है।
AI और वियरेबल्स पर बढ़ेगा निवेश
छंटनी के साथ-साथ Meta ने यह भी साफ कर दिया है कि वह अब अपना फोकस आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) और AI-पावर्ड वियरेबल डिवाइसेज़ पर बढ़ाएगी। VR से बचाए गए बजट को स्मार्ट ग्लासेस और अन्य वियरेबल टेक्नोलॉजी में लगाया जाएगा। मेटा के मुताबिक, यह फैसला लंबे समय की ग्रोथ रणनीति का हिस्सा है।
पहले से मिल रहे थे छंटनी के संकेत
दिसंबर में ही मेटा ने संकेत दे दिए थे कि वह रियलिटी लैब्स के बजट में बदलाव करने जा रही है। उस वक्त कहा गया था कि VR की तुलना में AI और वियरेबल्स को ज्यादा प्राथमिकता दी जाएगी। मौजूदा छंटनी उसी रणनीति का अगला कदम मानी जा रही है।
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