एप्पल पहले आईफोन की रिपेयरिंग पर निगरानी रखती थी कि फोन में कौन से पार्ट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। दूसरे पार्ट्स लगाने पर फोन की फेस आईडी और टच आईडी जैसे जरूरी फीचर काम करना बंद कर देते है। अब कंपनी ने इस नियम बदलाव किया है। 

टेक डेस्क. दुनिया की सबसे पापुलर टेक कंपनी एप्पल ने एक नियम में बदलाव किया है। इस नियम के मुताबिक, अपने फोन को रिपेयर करने के लिए पुराने फोन के ओरिजिनल पार्ट्स का इस्तेमाल कर सकेंगे। ऐसे में यूजर्स को किफायती और सिक्योर रिपेयरिंग मिल सकेगी। आपको बता दें कि इस नियम में बदलाव के पहले यूजर्स को नये स्पेयर पार्ट्स का यूज कर फोन को ठीक करना पड़ता था।

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यह सर्विस सिर्फ iPhone 15 के उपलब्ध

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सर्विस सिर्फ आईफोन के लेटेस्ट मॉडल यानी आईफोन 15 सीरीज के लिए लॉन्च होगी। ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि यह सर्विस जल्द ही दूसरे मॉडल्स में भी पेश कर सकती है। इन फोन में पुराने फोन में स्पेयर पार्ट्स का इस्तेमाल कर फोन की स्क्रीन, बैटरी और कैमरा ठीक हो सकेगा। इससे लोगों को अपने आईफोन को लंबे समय तक चलाने में मदद मिलेगी।

एप्पल ने इस नियम में किया बदलाव

एप्पल पहले आईफोन की रिपेयरिंग पर निगरानी रखती थी कि फोन में कौन से पार्ट इस्तेमाल किए जा रहे हैं। दूसरे पार्ट्स लगाने पर फोन की फेस आईडी और टच आईडी जैसे जरूरी फीचर काम करना बंद कर देते है। अब कंपनी ने इस नियम बदलाव किया है। ऐसे में यूजर्स फोन में पुराने फोन के स्पेयर पार्ट्स को रिपेयरिंग कर सकते है।

iPhone यूजर्स के ये फायदे

इस नियम बदलाव के पहले रिपेयरिंग में पार्ट्स के सीरियल नंबर की मैचिंग जरूरी होती थी। अब यूजर्स को इस नियम से मुक्ति मिलेगी। कंपनी ने कहा कि पार्ट्स के इंस्टॉलेशन के बाद सीरियल नंबर को कैलिबरेशन किया जाएगा। ऐसे में सारे फीचर्स ठीक से काम कर सकेंगे। अब आईफोन के प्रोडक्ट्स की रिपेयरिंग के लिए ऑफिशियल स्टो, सर्विस सेंटर और थर्ड पार्टी शॉप में स्पेयर पार्ट्स मिल सकेंगे। ऐसे में रिपेयरिंग कॉस्ट में कमी आएगी। 

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