इस साल के अंत तक, GPay में UPI सर्किल, UPI वाउचर और क्लिक पे QR जैसे नए फ़ीचर आ जायेंगे, जिनकी घोषणा ग्लोबल फ़िनटेक फ़ेस्टिवल में की गई। UPI सर्किल के ज़रिए यूज़र्स अपने अकाउंट को कंट्रोल के साथ शेयर कर पाएंगे।

मुंबई: इस साल के आखिर तक GPay में UPI सर्किल, UPI वाउचर और क्लिक पे QR जैसे नए फ़ीचर जुड़ जाएँगे। हाल ही में भारत में हुए ग्लोबल फ़िनटेक फ़ेस्टिवल में Google Pay ने इन नए फ़ीचर्स को पहली बार पेश किया। 

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UPI सर्किल एक ऐसा सिस्टम है जिसके जरिए आप अपने UPI अकाउंट को दूसरे यूजर्स (सेकेंडरी यूजर) को इस्तेमाल करने की इजाजत दे सकते हैं। यह सिस्टम किसी स्ट्रीमिंग ऐप को सब्सक्राइब करके उस पर कई यूजर्स को एक्सेस देने जैसा है। हालाँकि, पैसे ट्रांसफर करने का पूरा कंट्रोल अकाउंट होल्डर के पास ही रहेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेकेंडरी यूजर एक महीने में एक तय रकम तक ही ट्रांजैक्शन कर पाएगा। एक बार में ट्रांसफर की जा सकने वाली रकम की भी एक सीमा होगी। इससे पैसे खोने का डर नहीं रहेगा। सेकेंडरी यूजर को दो तरीकों से अकाउंट एक्सेस दिया जा सकता है: पार्शियल डेलीगेशन और फुल डेलीगेशन। अकाउंट होल्डर ज्यादा से ज्यादा पाँच भरोसेमंद लोगों को सेकेंडरी यूजर बना सकता है।

पार्शियल डेलीगेशन में सेकेंडरी यूजर हर ट्रांजैक्शन तभी कर पाएगा जब अकाउंट होल्डर उसे इसकी इजाजत देगा। इसमें हर ट्रांजैक्शन पर अकाउंट होल्डर की पूरी नज़र रहेगी। फुल डेलीगेशन में अकाउंट होल्डर एक महीने में इस्तेमाल की जा सकने वाली रकम की सीमा तय कर सकता है।

अकाउंट होल्डर यह लिमिट ₹15000 तक सेट कर सकता है। सेकेंडरी यूजर इस रकम से ज़्यादा पैसे नहीं निकाल पाएगा। इस तरह, तय की गई रकम के अंदर ट्रांजैक्शन करने के लिए सेकेंडरी यूजर को हर बार अकाउंट होल्डर की इजाजत लेने की ज़रूरत नहीं होगी। एक बार में सेकेंडरी यूजर ज़्यादा से ज़्यादा ₹5000 का ही ट्रांजैक्शन कर पाएगा।