15 साल बाद टिम कुक ने एपल CEO का पद छोड़ा, अब वे एग्जीक्यूटिव चेयरमैन हैं। उनकी जगह जॉन टर्नस नए CEO बने हैं, जो पहले हार्डवेयर इंजीनियरिंग के SVP थे।
एपल के CEO टिम कुक ने अपना पद छोड़ दिया है। उन्होंने 15 साल तक कंपनी को लीड करने के बाद यह फैसला लिया है। अब वह कंपनी में एग्जीक्यूटिव चेयरमैन की भूमिका निभाएंगे। उनकी जगह जॉन टर्नस आज से कंपनी के नए CEO का पद संभालेंगे। कंपनी ने 20 अप्रैल को ही इस बड़े बदलाव का आधिकारिक ऐलान कर दिया था।
टिम कुक को स्टीव जॉब्स जैसे दूरदर्शी शख्स के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था। उनका लंबा कार्यकाल 24 अगस्त 2011 से 31 अगस्त 2026 तक का रहा। इतिहास उन्हें एक ऐसे CEO के रूप में याद रखेगा जिसने कंपनी की टेक्नोलॉजी को पैसा बनाने वाली मशीन में बदल दिया। उन्होंने ब्रांड वैल्यू बढ़ाई और कमाई के नए रास्ते खोजे। एपल वॉच और एयरपॉड्स जैसी कमर्शियल सफलताएं और मैक कंप्यूटर्स के लिए खुद के चिप बनाने का फैसला, इन सब से कंपनी को जबरदस्त फायदा हुआ। टिम ने ही एपल को ट्रिलियन-डॉलर की शेयर वैल्यू तक पहुंचाया। अब जब वो नई भूमिका में जा रहे हैं, तो कमान जॉन टर्नस के हाथों में है। वह 25 सालों से कंपनी के साथ हैं। CEO बनने से पहले वह एपल के हार्डवेयर इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट में सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थे।
एपल सिलिकॉन चिप पर मैक की क्रांति का श्रेय और एपल वॉच व एयरपॉड्स की जिम्मेदारी भी टर्नस को ही दी जाती है। टिम कुक ने अपने उत्तराधिकारी के बारे में कहा था कि 'उनके पास एक इंजीनियर का दिमाग और कुछ नया खोजने वाली आत्मा है'। एपल AI के डेवलपमेंट में थोड़ी देर से उतरी, लेकिन AI की वजह से मैक मिनी जैसे प्रोडक्ट्स की डिमांड भी बढ़ी है। अब देखना यह है कि टर्नस कंपनी को किस दिशा में ले जाते हैं। 9 सितंबर को होने वाले 'सरप्राइज एंड शाइन' एपल इवेंट में इसकी पहली झलक मिल सकती है। टिम कुक ने पद छोड़ते हुए एक लेटर लिखा, जिसमें उन्होंने कहा कि सभी उपलब्धियों के पीछे एपल की टीम थी। खास बात यह है कि नए लीडर की एंट्री ऐसे समय में हो रही है, जब उसी टीम में नौकरी छोड़ने वालों की संख्या बढ़ रही है।
