What is BAT BMS Bluetooth App: जानिए BAT BMS Bluetooth App क्या है? यह कैसे काम करता है, ई-रिक्शा चालकों के लिए चिंता का कारण क्यों बना और वायरल क्यों हो रहा है।

What ia BAT-BMS App: पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर BAT-BMS Bluetooth App का नाम तेजी से चर्चा में है। कई वीडियो में दावा किया जा रहा है कि इस ऐप की मदद से कुछ ई-रिक्शा अचानक बीच सड़क बंद हो रहे हैं, जिससे ड्राइवरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले ने ई-रिक्शा चालकों के साथ-साथ प्रशासन का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। यही वजह है कि दिल्ली परिवहन विभाग BAT-BMS और Epoch Li-ion जैसे मोबाइल ऐप्स से जुड़े संभावित तकनीकी जोखिमों की पड़ताल कर रहा है ताकि यात्रियों की सुरक्षा और ई-रिक्शा चालकों की रोजी-रोटी पर कोई असर न पड़े। इस बीच जानिए BAT-BMS Bluetooth App क्या है? कैसे करता है काम और क्यों बना ई-रिक्शा चालकों के लिए चिंता का कारण

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BAT-BMS Bluetooth App क्या है?

BAT-BMS एक ऐसा मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (Battery Management System-BMS) से कनेक्ट होने के लिए बनाया गया है। BMS किसी भी लिथियम-आयन बैटरी का सबसे अहम इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल सिस्टम होता है। यह बैटरी की चार्जिंग, डिस्चार्जिंग, तापमान, वोल्टेज और अन्य जरूरी पैरामीटर पर लगातार नजर रखता है ताकि बैटरी सुरक्षित और बेहतर तरीके से काम कर सके। कुछ बैटरी निर्माता अपने BMS में ब्लूटूथ कनेक्टिविटी देते हैं, जिससे मोबाइल ऐप के जरिए बैटरी की स्थिति देखी जा सके और जरूरी सेटिंग्स बदली जा सकें।

BAT-BMS App कैसे करता है काम?

बताया जा रहा है कि कुछ ई-रिक्शा में इस्तेमाल होने वाले ऐसे बैटरी पैक मौजूद हैं, जिनके BMS में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है। यदि ब्लूटूथ कनेक्शन बिना पासवर्ड या मजबूत ऑथेंटिकेशन के उपलब्ध हो, तो आसपास मौजूद कोई भी व्यक्ति मोबाइल ऐप के जरिए उससे कनेक्ट होने की कोशिश कर सकता है। दावा है कि ऐसे मामलों में बैटरी की डिस्चार्ज सेटिंग बदलने या पावर आउटपुट को नियंत्रित करने से ई-रिक्शा का पावर सप्लाई रुक सकता है। इसके बाद वाहन स्टार्ट नहीं होता और ड्राइवर बीच रास्ते में फंस जाता है। हालांकि, यह जोखिम उन बैटरी सिस्टम तक सीमित माना जा रहा है जिनमें सुरक्षा फीचर्स पर्याप्त नहीं हैं।

क्यों बढ़ी ई-रिक्शा चालकों की चिंता?

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमान सिद्दीकी ने ANI से बातचीत में बताया कि उन्होंने एक ऐसे ड्राइवर की मदद की, जिसका ई-रिक्शा पूरे दिन बंद पड़ा था। ड्राइवर किराए पर रिक्शा चलाता था और गाड़ी बंद रहने की वजह से उसकी पूरे दिन की कमाई प्रभावित हुई। अमान ने बैटरी सिस्टम से कनेक्ट होकर सेटिंग सामान्य की, जिसके बाद वाहन दोबारा चालू हो गया। ऐसी घटनाओं ने ई-रिक्शा चालकों के बीच चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि उनके लिए वाहन ही रोजी-रोटी का सबसे बड़ा साधन है। बीच रास्ते वाहन बंद होने से न सिर्फ आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है।

सरकार क्या कर रही है?

वायरल दावों और सामने आ रहे मामलों को देखते हुए दिल्ली परिवहन विभाग ने BAT-BMS और Epoch Li-ion जैसे ऐप्स से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह पता लगा रहा है कि कहीं कुछ बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम सुरक्षा मानकों की कमी की वजह से तो जोखिम पैदा नहीं कर रहे। यदि जांच में तकनीकी खामियां सामने आती हैं, तो ऐसे BMS के लिए सख्त सुरक्षा मानक लागू करने या अन्य जरूरी कदम उठाने पर विचार किया जा सकता है।

ई-रिक्शा चालक क्या रखें ध्यान?

विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा मालिकों को समय-समय पर अपनी बैटरी और BMS की जांच करानी चाहिए। यदि बैटरी में ब्लूटूथ फीचर मौजूद है, तो यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है कि उसमें पासवर्ड या अन्य सुरक्षा विकल्प सक्रिय हों। किसी भी असामान्य समस्या की स्थिति में अधिकृत सर्विस सेंटर या बैटरी निर्माता से संपर्क करना बेहतर रहेगा। तकनीक का उद्देश्य सुविधाएं बढ़ाना है, लेकिन सुरक्षा में छोटी सी चूक भी बड़ी समस्या बन सकती है। इसलिए बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम को सुरक्षित बनाना और उसके प्रति जागरूक रहना आज पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।