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    NationalJun 11, 2020, 9:19 AM IST

    कोरोना से जंगः भारत में इन 8 दवाओं ने दिखाया कमाल, जिससे ठीक हुए 1.40 लाख मरीज

    नई दिल्ली. दुनिया में कोरोना का कहर जारी है। कोरोना  महामारी को खत्म करने के  लिए दुनिया भर के कई देशों में वैक्सीन बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। ब्रिटेन में वैक्सीन का ट्रायल थर्ड फेज में हैं। लेकिन अब तक कोई सटीक दवा नहीं बन सकी है। भारत में भी कोरोना के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हालांकि, भारत के लिए अच्छी खबर है कि एक्टिव केसों से ज्यादा ठीक होने वाले मरीजों की संख्या है। ऐसे में यह सवाल उठने लगा है कि बिना किसी ठोस दवा या वैक्सीन के ये मरीज ठीक कैसे हो रहे हैं। आइए जानते हैं कि भारत में कोरोना वायरस के मरीजों का किन दवाओं और थेरेपी से इलाज किया जा रहा है...
     

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    WorldJun 4, 2020, 7:57 AM IST

    HCQ को लेकर बैकफुट पर WHO? साइड इफेक्ट बता लगाई थी रोक, अब हटाई; क्लीनिकल ट्रायल को दी मंजूरी

    WHO ने एक बार फिर HCQ के ट्रायल को मंजूरी दे दी है। पिछले दिनों विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसके ट्रायल पर  रोक लगाई थी। मशहूर पत्रिका द लैंसेट ने एक रिपोर्ट में कहा था कि कि क्लोरोक्वीन और HCQ से फायदा मिलने का कोई सबूत नहीं मिला है जिसके बाद WHO ने इस पर रोक लगाई थी।

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    NationalJun 2, 2020, 12:58 PM IST

    भारत में कोरोना वॉरियर्स की वायरस से 80% रक्षा कर रहे ये 'दो शस्त्र', आईसीएमआर का दावा

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने एक बार फिर कोरोना के खिलाफ हाइड्रोक्लोरोक्वीन दवा के इस्तेमाल को लेकर अपना रुख मजबूत किया है। ICMR ने अपने स्टडी का हवाला देते हुए दावा किया है कि भारत में स्वास्थ्य कर्मियों की कोरोना से 80% तक रक्षा मलेरिया की दवा हाइड्रोक्लोरोक्वीन और पीपीई किट कर रहे हैं।

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    NationalJun 1, 2020, 10:18 AM IST

    HCQ से ही मरेगी कोरोना! ICMR का दावा- 6 डोज लेने से 80% हेल्थकेयर वर्कर बचे, 4 डोज के बाद घटा रिस्क

    इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने एक नया दावा किया है। आईसीएमआर की स्टडी के मुताबिक एचसीक्यू के 6 या ज्यादा डोज लेने वाले 80% हेल्थकेयर वर्कर इन्फेक्शन से बच गए। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि 4 डोज के बाद इंफेक्शन का रिस्क घटने लगता है। 

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    WorldMay 26, 2020, 10:13 AM IST

    हाइड्रोक्सीक्वलोरोक्वीन के साइड इफेक्ट, WHO ने कोरोना के इलाज में दवा के प्रयोग पर लगाई रोक

    हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन दवा के साइड इफेक्ट्स को देखते हुए WHO ने ट्रायल पर रोक लगा दिया है। WHO के चीफ तेद्रोस गेब्रियेसस के मुताबिक मेडिकल जर्नल लेन्सेट की एक स्टडी में पिछले हफ्ते कहा गया था कि कोरोना के मरीजों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन देने से उनको जान का जोखिम बढ़ सकता है।

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ICMR, Hydroxychloroquine, Corona Medication, Corona Antibody, Corona Antidote, Corona Infection, Corona Death<br />
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    NationalMay 23, 2020, 2:07 PM IST

    पैरामिलिट्री फोर्स/पुलिसकर्मी भी ले सकते हैं कोरोना की दवा हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन, ICMR की नई एडवाइजरी

    कोरोना के इलाज के लिए हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन (HCQ) दवा के इस्तेमाल को लेकर नई एडवाइजरी जारी की है। पहले हाइड्राक्सीक्लोरोक्वीन का इस्तेमाल स्वास्थ्यसेवा में लगे लोगों के लिए ही था, लेकिन अब कंटेनमेंट जोन में निगरानी ड्यूटी पर तैनात कर्मियों और पैरामिलिट्री फोर्स/पुलिसकर्मियों को भी देने की सिफारिश की गई है। 

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    NationalMay 19, 2020, 4:35 PM IST

    कोरोना को हराने में कारगर साबित हो रहीं ये 5 दवाइयां, दुनिया भर में अब तक ठीक हुए 19.19 लाख लोग

    नई दिल्ली. दुनिया भर में कोरोना वायरस का प्रकोप तेज होता जा रहा है। उतनी तेजी के साथ ही वैक्सीन खोजने का काम चल रहा है। दुनिया भर के कई देश वैक्सीन की तलाश में दिन रात जुटे हुए हैं। आए दिन किसी न किसी दवा का क्लिनिकल टेस्टिंग की जा रही है। जबकि कई देशों वैक्सीन को लेकर इंसानी ट्रायल भी की जा रही है। वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल ने लोगों की उम्मीदें और बढ़ा दी हैं। अभी दुनिया में वैक्सीन को लेकर कोई सफलता हाथ नहीं लगी है। लेकिन 49 लाख 10 हजार 671 संक्रमित में से अब तक 19 लाख 19 हजार 150 मरीज ठीक हो चुके हैं। आइए जानते हैं कि कौन-कौन सी दवाएं अब तक  COVID-19 के इलाज में कारगर दिखी हैं। 

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    WorldMay 2, 2020, 6:52 PM IST

    क्या मिल गई कोरोना की दवा? अमेरिका में तो लोग ठीक भी होने लगे हैं, भारत में भी दिख रहा है असर

    वाशिंगटन. कोरोना वायरस के कहर को रोकने के लिए दवा की खोज में दुनिया भर के तमाम वैज्ञानिक जी जान से जुटे हुए हैं। एक ओर जहां ब्रिटेन में ट्रायल चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर अमेरिका से राहत देने वाली खबर सामने आई है। अमेरिका में इबोला वायरस के मरीजों के लिए बनाई गई रेमडेसिवीर दवा कोरोना के संक्रमण को रोकने में मददगार साबित हुई है। इसके साथ ही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि इन दवाओं से कोरोना के संक्रमण पर जल्द ही काबू पा लिया जाएगा। इन सब के बीच अमेरिकी सरकार ने इलाज के लिए इन दवाओं को मंजूरी दे दी है। 

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    Fake CheckerApr 21, 2020, 1:28 PM IST

    Fact Check: PM मोदी ने अमेरिका को भेजी थी कोरोना की दवा...तो क्या इसलिए तिरंगा बनाकर किया सैल्यूट?

    नई दिल्ली. बीते कुछ दिनों पहले स्विट्ज़रलैंड के मैटरहॉर्न पर्वत की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसमें पर्वत पर तिरंगे को रंगा दिखाया गया था। इस तस्वीर को देख हर कोई भारतीय गदगद हो उठा था। फोटो को बड़े-बड़े सेलिब्रिटीज सहित देश के प्रधानमंत्री ने भी शेयर किया गया था। पर फोटो आने के कुछ देर बाद ही सोशल मीडिया पर इसको लेकर तरह-तरह के दावे वायरल होने लगे। 18 अप्रैल को भाजपा के नेशनल जनरल सेक्रेटरी बी एल संतोष ने इस तस्वीर में दिख रहा है कि मैटरहॉर्न पहाड़ पर भारत के तिरंगे जैसी रोशनी की गई है। ऐसे इसलिए किया गया क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते दिनों अमेरिका को मलेरिया की दवा हाइड्रॉक्सी-क्लोरोक्वीन  का निर्यात किया था। मोदी और भारत को धन्यवाद बोलने के लिए सबसे बड़े पर्वत पर तिरंगा दर्शाया गया।

     

    वहीं कुछ लोगों ने फोटो को देख कहा कि स्विट्ज़रलैंड ने कोरोना से भारत की लड़ाई को सैल्यूट किया है। फैक्ट चेकिंग में आइए जानते हैं कि इसमें कितनी सच्चाई है?