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    Bihar Election18, Sep 2020, 2:39 PM

    86 साल बाद कोसी मिथिला का मिलन, पीएम मोदी ने दी बिहार को खास सौगात

    बिहार के आने वाले विधानसभा चुनाव (Bihar Assembly Elections 2020) से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) लगातार बिहारवासियों का खास सौगात (PM Modi Gift to Bihar) दे रहे हैं। पीएम ने शुक्रवार को 516 करोड़ रुपये की लागत से बने कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mega Bridge) का उद्घाटन किया। इसी के साथ कोसी और मिथिलांचल के लोगों का 86 साल पुराना सपना साकार हो जाएगा। बिहार में 1934 में आए भूकंप के दौरान कोसी नदी पर बना रेल पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। अब 86 साल बाद ये पुल तैयार हो गया है, जिसके ऊपर से ट्रेनों की आवाजाही शुरू होगी। कोसी मेगा ब्रिज लाइन परियोजना की आधारशिला 2003 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने रखी थी। करीब 17 साल बाद अब यह पुल बनकर तैयार हुआ, जिसका उद्घाटन पीएम मोदी ने किया। ये ऐतिहासिक महासेतु 1.9 किलोमीटर लंबा है और इसके निर्माण में 516 करोड़ रुपये की लागत आई है। 

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    National18, Sep 2020, 12:05 PM

    किसान बिल को लेकर कांग्रेस पर बरसे पीएम, बोले- 'मेनिफेस्टो में खुद लाई थी बिल, अब हम लाए तो झूठे'

    प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार को कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) के रूप में सौगात दी है। उन्होंने इसका उद्घाटन शुक्रवार को किया। इससे मिथिला क्षेत्र और कोसी क्षेत्र (Mithila and Kosi Area) के निवासियों का रेल लाइन से जुड़ने के लिए 86 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो गया। 

  • <p><strong>पटना (Bihar) । आज</strong>&nbsp;प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन करेंगे। इससे मिथिला क्षेत्र और कोसी क्षेत्र ( (Mithila and Kosi Area)) ) के निवासियों का&nbsp;रेल लाइन से जुड़ने के लिए 86 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा।&nbsp;पीएम 12 रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें किऊल नदी पर एक नया रेलवे पुल, दो नई रेलवे लाइनें, 5 विद्युतीकरण परियोजनाएं, एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड और बरह-बख्तियारपुर के बीच तीसरी लाइन परियोजना शामिल हैं।</p>

    Bihar Election15, Sep 2020, 12:12 PM

    86 सालों का लंबा इंतजार होगा खत्म, आज पीएम मोदी करेंगे कोसी रेल महासेतु का उद्घाटन

    पटना (Bihar) । आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोसी रेल महासेतु (Kosi Rail Mahasetu) का उद्घाटन करेंगे। इससे मिथिला क्षेत्र और कोसी क्षेत्र ( (Mithila and Kosi Area)) ) के निवासियों का रेल लाइन से जुड़ने के लिए 86 सालों का लंबा इंतजार खत्म हो जाएगा। पीएम 12 रेल परियोजनाओं का भी उद्घाटन करेंगे। इनमें किऊल नदी पर एक नया रेलवे पुल, दो नई रेलवे लाइनें, 5 विद्युतीकरण परियोजनाएं, एक इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव शेड और बरह-बख्तियारपुर के बीच तीसरी लाइन परियोजना शामिल हैं।

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    Bihar12, Aug 2020, 1:58 PM

    वर्षों की मेहनत से बनाया मकान, चंद सेकेंड में बाढ़ की भेंट चढ़ गए सपने; डूब गया सबकुछ

    पेशे से राजमिस्त्री बिंदेश्वरी ने कई वर्षों तक मेहनत कर पक्का मकान बनाया था। वह अपने घर का दूसरा फ्लोर बना रहे थे तभी बाढ़ आ गई। मकान मही नदी के पास था। इस साल नदी की धारा बदली और मकान को अपनी चपेट में ले लिया। पानी की तेज धारा के चलते मकान के नींव के नीचे की मिट्टी कट गई थी। खतरे को देखते हुए घर में रह रहे सभी लोग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए थे।

  • <p><strong>पटना (Bihar)&nbsp;।</strong> बिहार एक बार फिर बाढ़ की चपेट में है। इस बार बाढ़ 16 जिलों में है। वहीं, मरने वालों की संख्या 24 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 16 जिलों में 62,000 से ज्यादा लोगों के प्रभावित क्षेत्रों में पानी घुस गया, जिससे बाढ़ पीड़ितों की संख्या 75 लाख से अधिक हो गई। सालों से चली आ रही इस समस्या पर सरकार के तमाम दावों के बावजूद हालात वैसे ही हैं, जैसे हर साल रहते हैं। बात अगर 1979 से अब तक की करें तो बिहार हर साल बाढ़ से जूझ रहा है। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक राज्य का 68,800 वर्ग किमी हर साल बाढ़ में डूब जाता है। आइए जानते हैं कि बिहार हर साल बाढ़ में क्यों डूब जाता है। साथ ही आज हम आपको सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुए 10 बाढ़ के बारे में बता रहे हैं।&nbsp;</p>

    Bihar12, Aug 2020, 12:52 PM

    बिहार में हर साल आती है है ये तबाही, जानें अब तक की 10 सबसे खौफनाक बाढ़

    पटना (Bihar) । बिहार एक बार फिर बाढ़ की चपेट में है। इस बार बाढ़ 16 जिलों में है। वहीं, मरने वालों की संख्या 24 तक पहुंच गई है। आपदा प्रबंधन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 16 जिलों में 62,000 से ज्यादा लोगों के प्रभावित क्षेत्रों में पानी घुस गया, जिससे बाढ़ पीड़ितों की संख्या 75 लाख से अधिक हो गई। सालों से चली आ रही इस समस्या पर सरकार के तमाम दावों के बावजूद हालात वैसे ही हैं, जैसे हर साल रहते हैं। बात अगर 1979 से अब तक की करें तो बिहार हर साल बाढ़ से जूझ रहा है। बिहार सरकार के जल संसाधन विभाग के मुताबिक राज्य का 68,800 वर्ग किमी हर साल बाढ़ में डूब जाता है। आइए जानते हैं कि बिहार हर साल बाढ़ में क्यों डूब जाता है। साथ ही आज हम आपको सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हुए 10 बाढ़ के बारे में बता रहे हैं। 

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    Bihar10, Aug 2020, 3:09 PM

    नेपाल-मौसम-कोसी या गंगा, बिहार में हर साल की बाढ़ के लिए आखिर कौन है जिम्मेदार?

    बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से पांच लाख से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया है। 1342 कम्युनिटी किचन चल रहे हैं और बड़ी संख्या में लोगों को अपना घरबार छोड़कर रिलीफ़ कैंपों में जाना पड़ा। मुश्किल यह है कि कई सालों से बार-बार हो रहा है।

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    Bihar28, Jul 2020, 5:11 PM

    थाने में पानी के बीच घूम रहे ऐसे सांप, पुलिसवाले भयभीत, देखें video

    बिहार में बाढ़ का कहर बढ़ता ही जा रहा है। गंडक के साथ बागमती, महानंदा व कोसी भी उफान पर हैं। जगह-जगह बांधों का टूटना जारी है। इस बीच दरभंगा के कुशेश्वरस्थान थाने में बाढ़ का पानी घुस गया है। हाल यह है कि पानी में सांप घूम रहे हैं। हालात से विवश हो गए पुलिस कर्मी भय तले ड्यूटी कर रहे हैं। फिलहाल पेड़ के नीचे सारा कामकाज कर रहे हैं। एक पुलिसकर्मी ने बताया कि उनके पास बाढ़ प्रभावित इलाकों में पेट्रोलिंग पर जाने के लिए नाव तक नहीं है। वे अपने पैसे से नाव खरीद कर ग्रामीण इलाकों में पेट्रोलिंग के लिए जा रहे हैं।

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    Other States25, Jul 2020, 3:22 PM

    अंतिम संस्कार से लौट रहे थे 3 दोस्त, तभी आया मौत का भयानक पल और कफन में लिपटी लौंटी तीनों की लाशें

    देहरादून (उत्तराखंड ). देवभूमि कही जाने वाले धरती उत्तराखंड से एक दुखद और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां तीन दोस्तों की बोलेरे जीप उफनती कोसी नदी किनारे एक गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें तीनों की मौके पर मौत हो गई। बताया जाता है कि तीनों अपने परिचित के अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। लेकिन इस हादसे के बाद उनकी लाशें कफन से लिपटी घर लौंटी।

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    Aisa Kyun16, May 2020, 3:47 PM

    ये हैं शनिदेव के प्रमुख मंदिर, शनि जयंती पर यहां उमड़ती थी भक्तों की भीड़, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा

    उज्जैन. हिंदू धर्म ग्रंथों के अनुसार, ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव 22 मई, शुक्रवार को है। शनि जयंती पर देश के प्रमुख शनि मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है, लेकिन इस बार लॉकडाउन के चलते ऐसा नहीं हो पाएगा। शासन-प्रशासन के निर्देशानुसार ही शनि मंदिरों में पूजा व अनुष्ठान किए जाएंगे। शनि जयंती के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं शनिदेव के 6 ऐसे मंदिरों के बारे में जिन्हें शनि के सबसे खास स्थानों में गिना जाता है। मान्यता है कि इन मंदिरों में दर्शन मात्र कर लेने से शनि के दोष का प्रभाव कम हो जाता है।

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    Bihar8, May 2020, 4:13 PM

    अब सहरसा-सुपौल में भी कोरोना ने दी दस्तक, 13 नए मरीज मिले, बिहार में 563 पहुंची संख्या

    बिहार में कोरोना के मरीजों की संख्या लगतार बढ़ रही है। आज सुबह से अभी तक राज्य में कोरोना के 13 नए मरीज मिले। इन 13 नए मरीजों के साथ ही राज्य में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 563 हो गई है। 

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    Bihar18, Dec 2019, 4:07 PM

    कोसी नदी में 14 लोगों से भरी नाव पलटी, दो की लाश मिली, 6 लापता

    बिहार की शोक कही जाने वाली कोसी नदी में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। 14 लोगों को लेकर उसपार जा रही नाव पलट गई। हादसे में आधा दर्जन लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है। 

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    Uttar Pradesh24, Nov 2019, 8:53 AM

    अयोध्या की पंचकोसी परिधि में 34 मस्जिदें आस - पास, बाबरी के अलावा कहीं भी नहीं है विवाद

    गंगा जमुनी तहजीब की प्रमाणिकता देने वाला शहर अयोध्या वास्तव में अद्वितीय है।अयोध्या में धार्मिक नगरी की पांच कोसी परिधि के भीतर ही 34 प्रमुख मस्जिदें हैं। इन मस्जिदों में बाकायदा नमाज पढ़ी जाती है