एक फाउंडर ने बेंगलुरु में इंजीनियर की नौकरी के लिए हफ्ते में 60-80 घंटे काम की शर्त रखी है। इस पोस्ट के वायरल होने पर काम के लंबे घंटों को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर आलोचना हो रही है। हालांकि, कुछ लोगों ने इसमें दिलचस्पी भी दिखाई है।

एक शख्स की पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें वह हफ्ते में 80 घंटे काम करने वाले कर्मचारी की तलाश कर रहा है. इस पोस्ट को लेकर उसकी जमकर आलोचना हो रही है. उमेश कुमार नाम के एक फाउंडर ने यह पोस्ट शेयर की है. पोस्ट में कहा गया है कि उन्हें ऐसे लोगों की तलाश है जो हफ्ते में 60 से 80 घंटे काम करने को तैयार हों. पोस्ट में यह भी बताया गया है कि यह नौकरी फुल टाइम या इंटर्न स्टैक इंजीनियर के लिए है. हालांकि, पोस्ट के वायरल होते ही कुमार को भारी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है.

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कुमार ने कर्मचारियों के लिए जरूरी योग्यताओं के बारे में बताया है. नौकरी बेंगलुरु में होगी, वर्क फ्रॉम होम का ऑप्शन नहीं है. हर हफ्ते छह दिन काम करना होगा. हफ्ते में 60 से 80 घंटे काम करने में सक्षम होना चाहिए. JS/TS और LLMS के बारे में अच्छी जानकारी होनी चाहिए.

हालांकि, आलोचना की मुख्य वजह हफ्ते में 60 से 80 घंटे काम करने की शर्त है. नेटिजन्स ने इसकी जमकर आलोचना की. लोगों ने सवाल उठाया कि अगर हफ्ते में इतने घंटे काम करना पड़ेगा, तो क्या इसका मतलब यह नहीं है कि हर दिन कम से कम 12 घंटे काम करना होगा?

एक यूजर ने कमेंट किया कि शायद उनका मतलब है कि कंपनी का सारा काम 80 घंटे में खत्म करना है. वहीं, एक अन्य यूजर ने नारायण मूर्ति के वर्क कल्चर वाले बयान का जिक्र करते हुए कमेंट किया, "आप नारायण मूर्ति हैं क्या?" हालांकि, कुछ लोगों ने इस नौकरी में दिलचस्पी भी दिखाई है और कमेंट्स किए हैं.

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