एक बेटा-बहू अपने बीमार पिता को वृद्धाश्रम छोड़ने आए, जिसका वीडियो वायरल हो गया। वहां एक महिला ने बेटे से पूछा, "जिसने चलना सिखाया, उसे आज क्यों छोड़ रहे हो?" इस मार्मिक पल ने सोशल मीडिया पर बच्चों के कर्तव्य को लेकर बहस छेड़ दी।

कभी-कभी कुछ सवाल सुनने वाले को जीते-जी मार देते हैं। ऐसे ही एक पल का वीडियो जब सोशल मीडिया पर शेयर हुआ, तो देखने वालों का दिल टूट गया। एक बेटा और बहू अपने बीमार पिता को, जो ठीक से चल भी नहीं सकते और खाना भी नहीं खा सकते, वृद्धाश्रम में छोड़ने आए थे। वहां एक महिला ने उनसे जो सवाल पूछे, वो सोशल मीडिया यूजर्स के भी दिल में चुभ गए।

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चलना किसने सिखाया

वीडियो की शुरुआत में बेटा और उसकी पत्नी अपने बूढ़े और बीमार पिता को वृद्धाश्रम के एक कमरे में लाते हैं। वे किसी तरह उन्हें कमरे में रखे एक बिस्तर पर बिठाते हैं। तभी वृद्धाश्रम की एक महिला बेटे से कुछ सवाल पूछती है। "तुम्हें रोजी-रोटी कमाने के लायक किसने बनाया? तुम्हें अपने पैरों पर चलना किसने सिखाया?" महिला के सवालों का बेटे के पास एक ही जवाब था, 'पिताजी'।

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आज पिता, तो कल बेटा

"अगर उन्होंने तुम्हें सब कुछ सिखाया, तो आज जब वह ठीक से चल नहीं सकते, तो क्या तुम उनका हाथ नहीं पकड़ सकते? जब उन्हें तुम्हारी सबसे ज़्यादा ज़रूरत है, तब तुम उन्हें यहाँ छोड़ रहे हो?" बेटे से महिला का यह सवाल सुनकर पिता अपनी आँखें पोंछते हुए वीडियो में दिखाई देते हैं। सवाल और ताने सुनकर बेटा चुप हो जाता है। लेकिन महिला यहीं नहीं रुकती। वह बेटे को उसका भविष्य भी दिखाती है, 'कल जब तुम्हारे अपने बच्चे तुम्हारे साथ ऐसा करेंगे, जब तुम उस जगह पर होगे जहाँ आज तुम्हारे पिता हैं, और वे तुम्हें पीछे छोड़ देंगे, तो उस दर्द को भी महसूस करने की कोशिश करना।'

कर्तव्य या व्यावहारिकता

इस वीडियो को अब तक साढ़े तीन लाख से ज़्यादा लोग देख चुके हैं। कई लोगों ने इसे बार-बार शेयर किया और कुछ ने भावुक होकर अपनी बातें लिखीं। कई लोगों ने लिखा कि बूढ़े माता-पिता की देखभाल करना हर बच्चे की ज़िम्मेदारी है। एक यूज़र ने लिखा कि जो लोग अपने माता-पिता को छोड़ देते हैं, वे नरक में एक खास जगह के हकदार हैं। वहीं, कुछ लोगों ने प्रैक्टिकल होकर सोचने को कहा। कुछ ने सवाल उठाया कि अगर बेटा और बहू दोनों नौकरी करते हैं, तो दिन में उनकी देखभाल कौन करेगा? इसके बाद कर्तव्य, दया और व्यावहारिकता को लेकर एक लंबी बहस छिड़ गई।