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नई रिसर्च: अब यह फेस मास्क कर सकता है आपका कोविड टेस्ट, 90 मिनट में देगा रिपोर्ट

रिसर्च करने वाले साइंटिस्ट का दावा है कि मास्क से किए गए टेस्ट के रिजल्ट को एक बटन से एक्टिव किया जा सकता है। मास्क पहनने वाले की सांस में SARS-CoV-2 का पता लगाने के लिए बायोसेंसर का उपयोग किया गया है। 

Face Mask Can Do Covid-19 Test For You pwa
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New Delhi, First Published Jun 29, 2021, 4:52 PM IST
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ट्रेंडिंग डेस्क. हार्वर्ड यूनिवर्सिटी (Harvard University) और एमआईटी (MIT) के साइंटिस्ट ने एक "सस्ती" फेस मास्क डवलेप किया है जो पहनने वाले की सांस से कोरोना वायरस का पता लगा सकता है और 90 मिनट के अंदर रिजल्ट दे सकता है। रिसर्च करने वाले साइंटिस्ट का दावा है कि मास्क से किए गए टेस्ट के रिजल्ट को एक बटन से एक्टिव किया जा सकता है। एक पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन (पीसीआर) टेस्ट के बराबर है, जिसे कोविड टेस्ट में एक गोल्ड स्डैडर्ड माना जाता है।

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वैज्ञानिकों के रिसर्च लेटर के अनुसार, मास्क परिणामों के बारे में एक डिजिटल सिग्नल रिले कर सकता है जिसे स्मार्टफोन ऐप द्वारा पढ़ा जा सकता है और पहनने वाला अपना रिजल्ट अपने फोन पर देख सकता है। अब, वैज्ञानिक मास्क के बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए निर्माताओं की तलाश कर रहे हैं। 


रिसर्च के लेखर पीटर गुयेन ने कहा, हमने अनिवार्य रूप से एक इंट्री डायग्नोस्टिक लैबोरिटी को एक छोटे, सिंथेटिक जीव विज्ञान-आधारित सेंसर में छोटा कर दिया है। जो किसी भी फेस मास्क के साथ काम करता है, और एंटीजन टेस्ट की गति और कम लागत के साथ पीसीआर टेस्ट की उच्च सटीकता को जोड़ता है। 

मास्क पहनने वाले की सांस में SARS-CoV-2 का पता लगाने के लिए बायोसेंसर का उपयोग किया गया है। बायोसेंसर ऐसे उपकरण हैं जो बायोमोलेक्यूल का पता लगाने के लिए सिंथेटिक जीव विज्ञान प्रतिक्रियाओं का उपयोग करते हैं। हालांकि, इस तरह की प्रतिक्रिया, जिसमें सेल और पानी शामिल हैं, को पहनने योग्य या फिट करने के जोखिम हैं लेकिन वैज्ञानिकों की टीम ने पहनने योग्य फ्रीज-ड्राय सेल-फ्री (डब्ल्यूएफडीसीएफ) तकनीक का इस्तेमाल किया। मास्क में वैज्ञानिकों ने क्रमिक तरीके से सक्रिय होने के लिए निर्धारित तीन फ्रीज-सूखे जैविक प्रतिक्रियाओं का उपयोग किया।

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सीरीज की पहली प्रतिक्रिया आरएनए तक पहुंचने के लिए कोरोनावायरस की झिल्ली को खोलती है। दूसरी प्रतिक्रिया पर्याप्त नमूनों का उत्पादन करने के लिए वायरल आरएनए की कई प्रतियां बनाती है। तीसरी प्रतिक्रिया स्पाइक जीन अणु की तलाश करती है और यदि यह टेस्ट पट्टी पर एक पाता है, तो यह इसे दो छोटे टुकड़ों में काट देता है। अंतिम चरण में, यदि काटने के लिए कोई स्पाइक टुकड़ा नहीं है, तो परीक्षण का रिजल्ट यह है कि SARS-CoV-2 पहनने वाले की सांस में मौजूद नहीं था।

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