स्वीडन में ऑफिस लाइफ कैसी होती है, इस पर एक भारतीय टेकी ने वीडियो शेयर किया है। 8 बजे ऑफिस, मुफ्त नाश्ता, सीईओ संग काम, शाम 4 बजे छुट्टी! वीडियो में स्वीडिश वर्क कल्चर की अनोखी झलक देखने को मिलती है।

भारत में कई कर्मचारी इस बात की शिकायत करते हैं कि काम करते-करते थक जाते हैं, परिवार या अपनों के साथ समय बिताने का मौका नहीं मिलता, खुद के लिए समय ही नहीं मिलता। कई कॉर्पोरेट कंपनियां कर्मचारियों से बहुत ज्यादा काम करवाती हैं। ऊपर से टारगेट अलग। खैर, स्वीडन में रहने वाले एक युवक ने कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया।

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वीडियो स्वीडन के कॉर्पोरेट लाइफ के बारे में था। इसमें युवक बता रहा है कि स्वीडन में उसके ऑफिस में कैसे काम होता है। इससे पहले भी वो अपने पेज 'रोम विथ अशुतोष' पर स्वीडन के जीवन के बारे में कई बातें शेयर करता रहा है।

भारत के इस टेकी अशुतोष का यह वीडियो भी काफी देखा गया है। युवक बताता है कि ऑफिस में सुबह आठ बजे पहुँचना होता है। कुछ ऑफिस में नाश्ता भी मुफ्त मिलता है। कर्मचारी जहाँ चाहें बैठकर काम कर सकते हैं। इसमें सीईओ भी शामिल हैं। वो यह भी बताता है कि वहाँ 'सर' कहने का कोई चलन नहीं है और सीईओ उसके बगल में बैठकर भी काम करते हैं।

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इसके अलावा, ऑफिस में कई तरह के खेल खेलने की सुविधा भी है। ऑफिस टाइम में थोड़ा आराम करने के लिए इन खेलों में शामिल हो सकते हैं। खेलने के लिए, ब्रेक लेने के लिए, कॉफी पीने के लिए, सबके लिए समय मिलता है। गर्मियों में काम के घंटे भी कम कर दिए जाते हैं।

ज्यादातर कर्मचारी शाम 4, 4.30 बजे तक ऑफिस से निकल जाते हैं। इससे उन्हें अपने परिवार और दोस्तों से मिलने और उनके साथ समय बिताने में मदद मिलती है। इसका मतलब यह नहीं कि हमें अपने मैनेजर के जाने का इंतज़ार करना पड़ता है।

खैर, युवक के शेयर किए गए वीडियो पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं। ज्यादातर लोगों ने भारत के काम करने के तरीके और विदेशों में काम करने के अपने अनुभवों के बारे में बताया है। कई लोगों का कहना है कि भारत के कॉर्पोरेट जगत में ऐसा देखने को भी नहीं मिलता।