सर्दियों में हर कोई घर पर गर्म रहना पसंद करता है. लेकिन बेचारे आवारा कुत्तों की सुनने वाला कोई नहीं. कड़ाके की ठंड में सिकुड़कर सो रहे इन कुत्तों की एक लड़की ने मदद की है.

पूरे देश के ज्यादातर हिस्सों में कड़ाके की ठंड बढ़ रही है. लोग सुबह 8 बजे भी बिस्तर से नहीं उठ रहे हैं. ठंड में घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है. ठंड सिर्फ इंसानों को ही नहीं, जानवरों को भी परेशान करती है. आपने भी ठंड में सड़क किनारे कई कुत्तों को कांपते हुए सोते देखा होगा. यह देखकर एक लड़की का दिल पिघल गया. उसने आवारा कुत्तों को ठंड से बचाने का फैसला किया.

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आवारा कुत्तों को पहनाई टी-शर्ट (T-shirt)

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है. इस वीडियो में आप एक लड़की को आवारा कुत्तों को टी-शर्ट पहनाते हुए देख सकते हैं. लड़की के पास सौ से ज़्यादा टी-शर्ट हैं. वह एक-एक करके कुत्तों को टी-शर्ट पहना रही है. आम तौर पर, कुत्ते अजनबियों को देखकर भौंकते हैं या काटने दौड़ते हैं. लेकिन इन कुत्तों ने ऐसा कुछ नहीं किया. लड़की के पास आते ही वे पूंछ हिलाते हुए उसके पास आ गए. वे चुपचाप खड़े होकर टी-शर्ट पहनवाते रहे.

इस वीडियो को X पर @Nargis_Bano78 अकाउंट से पोस्ट किया गया है. यह इंस्टाग्राम पर भी वायरल हो गया है. कैप्शन में लिखा है, 'इंसानियत वही जो अपने लिए नहीं बल्कि दूसरों की खुशी के लिए जिए. सैकड़ों आवारा कुत्तों का सहारा बन रहीं जागृति शर्मा ने कुत्तों को ठंड से बचाने का काम किया है. जागृति शर्मा ने ठंड के मौसम में कुत्तों को टी-शर्ट पहनाकर इंसानियत की मिसाल पेश की है.'

इस 46 सेकंड के वीडियो को 52,000 से ज़्यादा बार देखा जा चुका है. सैकड़ों लोगों ने इसे लाइक किया है. वीडियो पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आई हैं. एक यूजर ने लिखा, 'इंसानियत बहुत ज़रूरी है. इंसानियत का मतलब दूसरों की मदद करना है.' एक अन्य ने कमेंट किया, ' दूसरों की खुशी में बहुत कम लोग खुशी ढूंढ पाते हैं.' ज्यादातर लोगों ने जागृति के काम की तारीफ की है. वहीं, कुछ लोगों ने इस पर अपनी अलग राय रखी है. उनका कहना है कि कुत्तों को कपड़ों की ज़रूरत नहीं होती, वे जानते हैं कि ठंड में खुद को कैसे बचाना है.

क्या कुत्तों को सच में ठंड लगती है?

यह एक गलत धारणा है कि सर्दियों में कुत्तों को ठंड नहीं लगती. सर्दियों में कुत्तों को भी ठंड लगती है. लेकिन ठंड कितनी लगेगी, यह कुत्ते की नस्ल पर निर्भर करता है. कुछ नस्लें बहुत खराब मौसम में भी दिन-रात काम कर सकती हैं. वहीं, कुछ नस्लें गर्म मौसम वाली जगहों से होती हैं और उनके पास सर्दियों का सामना करने के लिए ज़रूरी मोटे बाल नहीं होते. उन्हें सर्दियों में ज़्यादा ठंड लगती है. छोटे कुत्ते, पिल्ले और बूढ़े कुत्ते ठंड के प्रति ज़्यादा संवेदनशील होते हैं. पिल्लों और बूढ़े कुत्तों को अपने शरीर का तापमान कंट्रोल करने में ज़्यादा मुश्किल होती है. अगर कोई कुत्ता कांप रहा है, धीरे-धीरे रो रहा है, गर्म जगह ढूंढ रहा है, बाहर जाने से हिचकिचा रहा है, या सुस्त है, तो इसका मतलब है कि उसे ठंड लग रही है.

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